Hormuz Crisis:दुबई के अस्पताल में पड़ा है कैप्टन राकेश रंजन का शव, रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने रक्षा मंत्रालय से किया संपर्क

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March 21, 2026

Hormuz Crisis:दुबई के अस्पताल में पड़ा है कैप्टन राकेश रंजन का शव, रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने रक्षा मंत्रालय से किया संपर्क

रांचीः पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी युद्ध के कारण स्टेट ऑफ होर्मुज के समुद्र में फंसे शिप अवाना के कैप्टन राकेश रंजन सिंह का 18 मार्च को ह्रदयघात से निधन हो गया था। पार्थिव शरीर दुबई के पोर्ट शेख राशिद अस्पताल मोर्चरी में रखा है। तीन दिन बाद भी शव नहीं आने से रांची के अरगोड़ा स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट में पत्नी रंजू कुमारी के साथ पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। छोटा बेटा अधीश प्रताप सिंह जो कि 15 साल का का है पिता को याद कर बार बार रोने लग रहा है। बेंगलुरु से इंजीनियरिंग कर रहा बड़ा बेटा प्रवर सिंह भी रांची लौट आया है। राकेश रंजन के शव को रांची लाने का गुहार परिवार बार-बार कर रहा है।

होर्मुज में फंसे अवाना शिप के कैप्टन राकेश रंजन की मौत, रांची के अरगोड़ा में रहता है पूरा परिवार
कैप्टन के बेटे प्रवर सिंह ने इस मामले में रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ को पत्र लिखकर भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पत्र में अनुरोध किया है कि उनके पिता के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की प्रक्रिया तेज की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, ऐसे में परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है।उन्होंने सरकार से आर्थिक सहायता देने की भी मांग की है।इसके बाद रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा है। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि कैप्टन का शव जल्द ही भारत लाया जा सकेगा।

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युद्ध के कारण फंसा जहाज, नहीं मिल सकी मदद
कैप्टन राकेश रंजन सिंह का जहाज दुबई पोर्ट से तेल लोड कर भारत के लिए रवाना हुआ था।जहाज करीब 60 किलोमीटर समुद्र में ही आगे बढ़ पाया था कि ईरान-इजरायल के बीच युद्ध शुरू हो गया। इसके बाद ईरान ने होर्मुज की खाड़ी को बंद कर दिया, जिससे जहाज वहीं फंस गया।इसी दौरान कैप्टन की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
एयर एंबुलेंस नहीं मिली, देर से पहुंची मदद
जब कैप्टन की तबीयत खराब हुई, तो जहाज के अन्य अधिकारियों ने दुबई एयरपोर्ट के एटीसी से एयर एंबुलेंस की मांग की। लेकिन युद्ध जैसी आपात स्थिति के कारण एटीसी ने इसकी अनुमति नहीं दी. इसके बाद कैप्टन को बोट के जरिए दुबई पोर्ट लाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
बिहार से पहुंचे परिजन, अंतिम संस्कार की तैयारी
कैप्टन राकेश रंजन सिंह का पैतृक घर बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ में है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वहां से परिजन रांची पहुंच चुके हैं। सभी परिजनों की इच्छा है कि शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए, ताकि उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक स्थान पर पूरे सम्मान के साथ किया जा सके।

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