डेस्कः डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 24 साल पुराने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में बड़ी राहत मिली है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में दायर अपील को स्वीकार करते हुए उसे बरी कर दिया है। कोर्ट का यह फैसला CBI के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।हालांकि हाई कोर्ट ने मामले के अन्य तीन दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। राम रहीम को पहले CBI अदालत ने दोषी ठहराया था, जिसके बाद यह मामला हाई कोर्ट में अपील के रूप में पहुंचा था। अदालत के इस फैसले को मामले में बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के बीच रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी,कमर्शियल LPG अब ₹2000 के पार
CBI कोर्ट ने सुनाई थी सजा
दरअसल हाईकोर्ट ने इस मामले में तीन लोग कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल की सजा को बरकरार रखा है। 17 जनवरी 2019 को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने सात साल पहले राम रहीम को सजा सुनाई थी।आरोपियों ने सीबीआई की अदालत के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, इसके बाद ही हाईकोर्ट ने ये फैसला दिया।हाई कोर्ट ने इस मामले में डेरा प्रमुख के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के आधार पर बरी करने का आदेश दिया है।
धनबाद के DRM ऑफिस में CBI का छापा, 50 हजार घूस लेते सीनियर DEEG गिरफ्तार
2002 में पत्रकार को मारी गई थी गोली
मामला पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या से जुड़ा हुआ है, जिसने अपने समय में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा से जुड़े कुछ गंभीर आरोपों को प्रकाशित किया था, जिसके बाद वर्ष 2002 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में व्यापक प्रतिक्रिया हुई थी और मामले की जांच बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।




