एयर एंबुलेंस कंपनी रेडबर्ड का रांची दफ्तर बंद, बोर्ड को उखाड़ फेंका, चतरा हादसे के बाद स्थानीय स्टाफ भी गायब

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February 27, 2026

एयर एंबुलेंस कंपनी रेडबर्ड का रांची दफ्तर बंद, बोर्ड को उखाड़ फेंका, चतरा हादसे के बाद स्थानीय स्टाफ भी गायब

रांचीः चतरा में एयर एंबुलेंस हादसे के बाद विमान कंपनी रेडबर्ड एयरलाइंस प्राइवेट लिमिटेड का रांची स्थित स्टेट हैंगर कार्यालय बंद कर दिया गया है। हिनू स्थित दफ्तर का शटर बंद है। उस पर ताला लटक रहा है। कार्यालय के बाहर लगा कंपनी का बोर्ड उखाड़कर हटा दिया गया है। कार्यालय के मोबाइल नंबर पर स्टीकर चिपका दिया गया है। हादसे से जुड़े सवालों पर कंपनी की ओर से अत तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। कंपनी की वेबसाइट को भी मेंटनेंस मोड में डाल दिया गया है। वेबसाइट पर फिलहाल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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स्थानीय संचालन से जुड़े लोग भी दफ्तर में मौजूद नहीं बताए जा रहे हैं। 23 फरवरी को कंपनी का सी-90 विमान रांची से एक मरीज को एयर लिफ्ट कर जा रहा था। उड़ाने भरने के कुछ ही देर बाद चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के कसियातु जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद से प्रबंधन से संपर्क की कोशिशें जारी है, लेकिन कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।

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जांच में सामने आया है कि यही विमान झारखंड में गंभीर मरीजों को एयर लिफ्ट करने की सब्सिडी सेवा में भी इस्तेमाल किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, विमान हर महीने औसतन 12 से 15 दिन उड़ान भरता था। इनमें से 10-11 मरीजों को झारखंड सरकार की सब्सिडी दर पर दूसरे बड़े अस्पतालों तक पहुंचाया जाता था, जबकि बाकी उड़ाने निजी भुगतान पर संचालित होती थीं। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार के साथ सब्सिडी सेवा के लिए एमओयू लागू था, तो उसी विमान का निजी वाणिज्जिक उपयोग किन शर्तो पर और किसकी अनुमति से किया जा रहा था।

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