डेस्कः बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) ने अपने पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी पर अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया है। अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के पतन के बाद सत्ता संभालने वाली अंतरिम सरकार के स्थान पर हुए महत्वपूर्ण आम चुनावों के लिए मतगणना गुरुवार देर रात तक जारी रही। देश में पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत बेगम खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी करीब 20 साल के बाद सरकार बनाती दिख रही है।
बांग्लादेश चुनाव 2026: कई सीटों पर बीएनपी उम्मीदवारों की बढ़त, बड़ी जीत की ओर
रॉयटर्स के मुताबिक, बांग्लादेश के चुनावी नतीजों में बीएनपी ने बहुमत हासिल कर लिया है। BNP+ ने 211 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, कट्टरपंथी दलों को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग की अनुपस्थिति में इस चुनाव को बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच सीधा मुकाबला हुआ।
BNP नेता तारिक रहमान ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और वे अपनी दोनों सीटें (ढाका-17 और बोगुरा-6) जीत चुके हैं। दूसरी ओर अवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिली और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, जो देश से बाहर हैं, उन्होंने इस चुनाव को पूरी तरह दिखावा बताया। कुल 299 सीटों के फाइनल नतीजे आज शुक्रवार को आने की उम्मीद है।माना जा रहा है कि इससे देश की आगे की राजनीतिक दिशा तय होगी।
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बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने चुनाव में जीत का दावा करते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं और समर्थकों से जश्न नहीं मनाने की अपील की है।पार्टी ने कहा कि जीत का उत्सव मनाने के बजाय आज पूरे देश में समर्थक शुक्रवार की नमाज में शामिल होकर पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को याद करें। BNP के इस संदेश को संयम और राजनीतिक शिष्टाचार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने समर्थकों से शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील भी की है।

बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री होंगे रहमान!
बीएनपी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि अगर वह सत्ता में आती है, तो रहमान बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री होंगे और यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का 18 महीने का शासन खत्म हो जाएगा। ढाका के एक निर्वाचन क्षेत्र में जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष शफीकुर रहमान को अनौपचारिक रूप से विजेता घोषित किया गया।उन्हें 82,645 वोट मिले, जबकि उनके बीएनपी प्रतिद्वंद्वी को 61,920 वोट मिले।
बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने उत्तर-पश्चिमी ठाकुरगांव स्थित अपने निर्वाचन क्षेत्र से 2,34,144 वोट प्राप्त करके जीत हासिल की।उनके प्रतिद्वंद्वी जमात के उम्मीदवार डेलवर हुसैन को 1,37,281 वोट मिले। जमात के महासचिव मिया गुलाम पोरवार अपने बीएनपी प्रतिद्वंद्वी अली असगर लॉबी से चुनाव हार गए। जहां पोरवार को 1,44,956 वोट मिले, वहीं लॉबी को दक्षिण-पश्चिमी खुलना निर्वाचन क्षेत्र में 1,47,658 वोट प्राप्त हुए।
13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान के साथ-साथ जुलाई राष्ट्रीय चार्टर के नाम से जाने जाने वाले 84 सूत्री सुधार पैकेज के कार्यान्वयन पर जनमत संग्रह भी हुआ।स्थानीय समयानुसार शाम 4:30 बजे मतदान खत्म होने के तुरंत बाद वोटों की गिनती शुरू हो गई। इससे पहले, बीएनपी चुनाव संचालन समिति के प्रवक्ता महदी अमीन ने कहा कि उनकी पार्टी की जीत अपरिहार्य और स्पष्ट है।




