कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस के हाथ अब भी खाली, मांगी गई 10 करोड़ की फिरौती

Picture of Live Dainik

Live Dainik

January 21, 2026

कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस के हाथ अब भी खाली, मांगी गई 10 करोड़ की फिरौती

डेस्कः जमशेदपुर के बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी कारोबारी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी का 13 जनवरी को अपहरण हुआ था और अब 20 जनवरी को अपहरणकर्ताओं ने उनके परिवार वालों से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी है। कई दिनों से पूरे राज्य की पुलिस इस मामले को सुलझाने में लगी है, लेकिन अब इंडोनेशिया के नंबर से कैरव के परिवार वालों को कई बार कॉल किए गए हैं। झारखंड पुलिस ने मामले में दूसरे राज्यों की पुलिस से भी बात की है। 13 जनवरी को घर से महज 100 मीटर की दूरी पर ही सफेद रंग की स्कार्पियो सवार अपराधियों ने कैरव का अपहरण कर लिया। सफेद रंग की स्कार्पियो में फर्जी नंबर प्लेट लगाया गया था। इसके अलावा स्कार्पियो के ऊपर पुलिस का सायरन भी लगाया गया था, जिससे किसी को अपराधियों की भनक ना लग सके।

कैरव गांधी का कोई सुराग नहीं, SIT के साथ अब CID और ATS की टीम भी खोज में जुटी
क्रेटा से उतार स्कॉर्पियो से हुआ कैरव का अपहरण
पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी है कि कैरव अपनी क्रेटा कार से 13 जनवरी को दोपहर 12.55 बजे घर से निकले। फिर कदमा-सोनारी लिंक रोड गोलचक्कर से कार मुड़ने के बाद वापस सीएच एरिया गोलचक्कर 1.05 बजे पहुंचा। जिसके बाद कैरव साई मंदिर के रास्ते मरीन ड्राइव की ओर जाने लगे। इसी बीच कैरव के घर से निकलते ही स्कार्पियो उसके पीछे लग गई। कार में पांच युवक सवार थे। कार के उपर पुलिस की तरह लाल रंग का साइरन भी लगा था। इस बीच सीएच एरिया गोलचक्कर से साई मंदिर के बीच ही स्कार्पियो ने कैरव की क्रेटा कार को ओवरटेक कर रोका।जिसके बाद स्कार्पियो में सवार दो अपराधी कैरव की कार में जबरन बैठ गये।बैठने के बाद कैरव को डरा धमका कर उसका मोबाइल छीन लिया और मोबाइल बंद कर दिया।
कांदरबेड़ा में ही खड़ी थी कैरव की क्रेटा
कैरव को बंधक बनाने के बाद अपराधी उसे साथ लेकर कांदरबेड़ा स्थित सुनसान स्थल पर पहुंचे। जहां कैरव को क्रेटा कार से उतारने के बाद उसे सफेद रंग की स्कार्पियो में जबरन डाल दिया गया। जबकि कैरव की कार को कांदरबेड़ा में ही छोड़ दिया गया। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में उस स्कार्पियो की तस्वीर मिली है। पुलिस ने जब स्कार्पियो पर लगे नंबर प्लेट की जांच की तो पाया कि उक्त नंबर कोडरमा के एक बोलेरो की है।पुलिस उक्त स्कार्पियो की तलाश में जुटी है। कैरव का अपहरण करने के बाद अपराधी स्कार्पियो से चांडिल-चौका के रास्ते बुंडू टोल प्लाजा पार करने के बाद सुनसान रास्ते की ओर चले गये। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में इसकी जानकारी मिली है।

See also  कैरव गांधी अपहरणकांड के आरोपियों के साथ पुलिस की मुठभेड़, तीन अपराधियों को लगी गोली

कैरव गांधी का 6 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं, जमशेदपुर का सोनू पुलिस हिरासत में, बिहार में भी चल रही हैं छापेमारी
अब भी CCTV कैमरों की हो रही जांच
कैरव के अपहरण होने के बाद पुलिस संगठित आपराधिक गिरोह के सदस्यों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस ने सीएच एरिया से कांदरबेड़ा तक के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। सीसीटीवी फुटेज में कैरव की कार पुलिस को दिखी है। कैरव घर से निकलने के बाद सीएच एरिया से साई मंदिर के रास्ते डोबो पुल होकर कांदर बेड़ा गया है। रास्ते में सीएच एरिया के पास कैरव की तस्वीर कार चलाते पुलिस को मिली है, लेकिन रास्ते में कार की रफ्तार तेज होने के कारण कार के अंदर बैठे लोगों की जानकारी नहीं मिल सकी है। सरायकेला के चांडिल एसडीपीओ, इंस्पेक्टर और कपाली ओपी ने डौबो से कांदर बेड़ा के बीट सीसीटीवी फुटेज की जांच की है। जिसमें करीब 1.15 बजे डोबो पुल से कार को कांदरबेड़ा की ओर जाते देखा गया है।लेकिन जिस स्थल पर कार लावारिश हालत में मिली। वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं होने के कारण अपहरणकर्ताओं का अबतक पता नहीं चल पाया है।
एटीएस और सीआइडी की टीम भी कैरव की तलाश में
कैरव गांधी की तलाश में अब सीआइडी और एटीएस की टीम भी जुट गयी है। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, अपहरण मामले की जांच के लिए जमशेदपुर-सरायकेला की एसआइटी बनायी गयी है। जो झारखंड के अलावा बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल व गुजरात में भी तलाशी अभियान चला रही है। एसआइटी की मदद के लिए अब एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड) और सीआइडी के इंस्पेक्टर स्तर के अफसरों को लगाया गया है। पूरे अभियान की निगरानी डीजीपी तदाशा मिश्रा खुद कर रही हैं। वे लगातार टीम के संपर्क में हैं और हर स्तर से जानकारी जुटा रही हैं। इधर, सात दिन गुजरने के बाद भी अबतक कैरव गांधी का पता नहीं चल सका है, जिससे घरवाले चिंतित हो रहे हैं। हालांकि, घरवालों को आस है कि कैरव सकुशल घर लौट आयेंगे। पुलिस सूत्रों की मानें, तो एसआइटी मामले में बिहार के पटना, हाजीपुर, जहानाबाद व भागलपुर, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, बर्द्धमान और हावड़ा में अलग-अलग जगहों पर छापामारी कर रही है। पुलिस इस मामले में हाजीपुर से चंदन सोनार गिरोह के दो सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इसके अलावा सोनारी के सोनू नामक युवक से भी पूछताछ कर रही है।सोनू का हाजीपुर के कुछ अपराधियों से सांठगांठ के संकेत मिले थे।

See also  सरकारी पैसे को निजी खाते में रखकर कमाया लाभ, आरोपी इंजीनियर के खिलाफ दर्ज होगी PE
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now