हज़रत बाबा दुखन शाह की मजार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, लोहरदगा में बलराम साहू ने चादरपोशी कर मांगी अमन-चैन की दुआ

Picture of Live Dainik

Live Dainik

January 15, 2026

हज़रत बाबा दुखन शाह की मजार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, लोहरदगा में बलराम साहू ने चादरपोशी कर मांगी अमन-चैन की दुआ

लोहरदगा : धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता की महान परंपरा को सजीव रूप देते हुए पूर्व डिप्टी चेयरमैन बलराम साहू ने हज़रत बाबा दुखन शाह की पवित्र मजार पर आयोजित 101वें उर्स-ए-मुबारक के अवसर पर भव्य चादरपोशी की। पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ वे अपने निवास स्थान से सैकड़ों समर्थकों और श्रद्धालुओं के साथ पैदल चलकर मजार पहुंचे, जहां उन्होंने चादर अर्पित कर जिले की उन्नति, आपसी भाईचारे और अमन-चैन के लिए विशेष दुआ मांगी। उर्स के मौके पर मजार परिसर पूरी तरह श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में डूबा नजर आया। दूर-दराज़ से आए अकीदतमंदों ने बाबा की दरगाह पर मत्था टेककर अपनी मन्नतें मांगीं और सामूहिक दुआओं में शामिल हुए। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि लोहरदगा की गंगा-जमुनी तहज़ीब और सांप्रदायिक सौहार्द का सशक्त संदेश देता दिखा।

1 10 scaled

चादरपोशी के बाद पूर्व डिप्टी चेयरमैन बलराम साहू ने कहा कि हज़रत बाबा दुखन शाह की शिक्षाएं मानवता, प्रेम, करुणा और भाईचारे पर आधारित हैं। उनकी दरगाह सदैव सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के लिए आस्था और विश्वास का केंद्र रही है। सूफी संतों की परंपरा हमें नफ़रत छोड़कर मोहब्बत अपनाने, भेदभाव मिटाकर एकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। आज के दौर में, जब समाज को शांति और सौहार्द की सबसे अधिक आवश्यकता है, बाबा साहब की शिक्षाएं और भी प्रासंगिक हो गई हैं। बलराम साहू ने जिले के विकास को लेकर भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने दुआ मांगी कि लोहरदगा जिला शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करे तथा यहां का हर नागरिक सम्मान और शांति के साथ जीवन व्यतीत करे। उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक विकास तभी संभव है, जब समाज में आपसी विश्वास, सहयोग और भाईचारा मजबूत हो। उर्स के अवसर पर मजार परिसर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। कुरआनखानी, फातिहाखानी और विशेष दुआओं के साथ-साथ लंगर का आयोजन भी किया गया, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने बिना किसी भेदभाव के भाग लिया। यह दृश्य सामाजिक समानता और मानवीय मूल्यों की सशक्त मिसाल प्रस्तुत करता नजर आया।श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

See also  NEET की परीक्षा दोबारा कराने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार, कहा- खामी के पर्याप्त सबूत नहीं, बुधवार से काउंसलिंग शुरू होगी

2 8
इस अवसर पर लोहरदगा थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर सहित रुद्र कुमार, शंभू साहू, चंदन साहू, संजय प्रसाद, निश्चय वर्मा, रितेश कुमार, अमित वर्मा, जितेंद्र महतो, अवधेश पाठक, रोबिल कुमार, रवि वर्मा, असगर अंसारी, इमरोज अंसारी, अतुल कुमार गणपत, रामजतन साहू, शुभम कुमार, नीतेश वर्मा, अनुराग वर्मा, सतीश उरांव, टिंकू कुमार, कुंदन कुमार, सत्यप्रकाश साहू, दीपक अग्रवाल, सचिन कुमार, जावेद अंसारी, वासी अहमद, कलीम खलीफा, हसरत अंसारी, जमील खलीफा समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे। 101वें उर्स का यह आयोजन एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि लोहरदगा की धरती धार्मिक सहिष्णुता, सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द की मजबूत पहचान रखती है। बाबा दुखन शाह की मजार आज भी प्रेम, एकता और मानवता का जीवंत प्रतीक बनी हुई है।

3 74 75 5 scaled6 5 scaled7 2

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now