रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन गुरुवार को स्विटजरलैंड के सबसे बड़े शहर ज्यूरिख पहुंच गए है। ज्यरिख एयरपोर्ट पर भारतीय राजदूत मृदुल कुमार ने उनका स्वागत किया। दावोस में 19 से 21 जनवरी तक होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भाग लेंगे स्विजट्रलैंड पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन काफी उत्साहित नजर आ रहे है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एंबेसडर मृदुल कुमार से मिलकर बहुत अच्छा लगा और मैं WEF में झारखंड और भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उत्सुक हूं, जो प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर समावेशी विकास पर केंद्रित है।
It was heartening to meet Amb Mridul Kumar and I look forward to representing Jharkhand and India at WEF, focused on inclusive growth in harmony with nature.@IndiainSwiss @DPIITGoI#WEF2026 #JharkhandAtDavos #WorldEconomicForum https://t.co/9e4OYerIWA
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) January 15, 2026
हेमंत सोरेन दुनिया को बताएंगें कि समंदर से धरती सबसे पहले झारखंड से निकली और मेगालीथ का इतिहास
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ मुख्य सचिव अविनाश कुमार, वित्त सचिव प्रशांत कुमार और खान सचिव अरवा राजकमल भी स्विटजलैंड गए है। दावोस के बाद यह टीम 21 जनवरी को लंदन चली जायेगी। वहां 24 जनवरी तक विभिन्न कार्यक्रमों में पहले से मौजूद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की टीम के साथ शामिल होगी। ज्यूरिख पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री और पूरी टीम एक दिन वहां के माइनस 16 डिग्री सेल्सियस तापमान में खुद को ढालने के लिए रूकेंगे। इसके बाद ज्यूरिख के करीब एक घंटे की दूरी पर बर्न शहर जायेंगे। जहां भारतीय दूतावास में उनकी औपचारिक मुलाकात होगी। सभी सदस्य 17-18 जनवरी तक ज्यूरिख में रहेंगे और विभिन्न उद्यमियों के साथ बैठकों का दौर चलेगा। इसके बाद दावोस में आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
It is an honour and a matter of deep responsibility to represent Jharkhand on a global platform at Davos during the World Economic Forum.
With the blessings and strength of the people of Jharkhand especially our sisters and mothers. I will be speaking at the panel discussion on… pic.twitter.com/X3FhGqSy3T
— Kalpana Murmu Soren (@JMMKalpanaSoren) January 15, 2026
पेयजल घोटाला में संतोष कुमार अपने बयान से पलटा, ED अफसरों पर लगाया मारपीट का आरोप, जांच करने पहुंची रांची पुलिस
विश्व आर्थिक मंच पर झारखंड की भागीदारी को केवल औपचारिक वैश्यिक संवाद के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसे भारत के औद्योगिक, उर्जा और आर्थिक भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण टर्निंग प्वांइट माना जा रहा है। देश के खनिज-समृद्ध राज्यों में अग्रणी झारखंड के पास कोयला, लौह अयस्क, तांबा, यूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स के विशाल भंडार हैं, जो भारत की मैन्युफैक्चरिंग, उर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचा विकास की आधारशिला है। झारखंड की पहचान केवल खनिज संसाधन तक सीमित नहीं है।
ED समन के अपमान का मामला: झारखंड हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन की याचिका को किया खारिज
समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र और आदिवासी बहुल सामाजिक सरंचना के कारण राज्य ने विकास के ऐसे मॉडल को अपनाया है, जिसमें आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समावेशन को समान महत्व दिया गया है। यही कारण है कि दावोस झारखंड के लिए केवल एक अंतरराष्ट्रीय मंच नहीं, बल्कि निवेश संभावनाओं, रणनीतिक साझेदारियों और दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टिकोण तय करने का केंद्र बनकर उभर रहा है। अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुके युवा झारखंड की वैश्यिक मंच पर यह उपस्थिति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में उत्तरदायी निवेश, उर्जा परिवर्तन और मूल्यवर्धित उद्योगों के प्रति राज्य की स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सहभागिता झारखंड को केवल कच्चे संसाधनों के राज्य के रूप में नहीं, बल्कि सतत विकास, उर्जा सुरक्षा और औद्योगिक नवाचार का भरोसेमंद साझेदार बनाने की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही है। मालूम हो कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दावोस-लंदन दौरे पर है।




