पटनाः युवती को बदनाम करने और शादी तोड़वाने के लिए महिला आयोग में ही दस्तावेजों से छेड़छाड़ और फर्जीवाड़े की कोशिश का मामला सामने आया है। बख्तियारपुर निवासी पीड़िता पढ़ाई के दौरान अपने फूफा के घर रहती थी। विवाद तब शुरू हुआ, जब परिवार में उसकी शादी की बात चली। सगाई के बाद से ही फूफा लगातार शादी नहीं करने का दबाव बना रहे थे।
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इस बीच महिला आयोग में युवती की तरफ से तथाकथित आवेदन दिया गया, जिसमें जबरदस्ती शादी कराने की बात कही गई थी। आयोग के बुलावे पर पहुंची युवती ने आवेदन दिए जाने की बात से सिरे से इंकार किया।उसने कहा कि महिला आयोग में उसने कोई आवेदन नहीं दिया है। उसके नाम, हस्ताक्षर और व्यक्तिगत विवरणों का दुरुपयोग कर यह आवेदन दिया गया है। लगातार फोन कर शादी तोड़ने का दबाव भी बनाया जा रहा है।
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झूठा केस दर्ज कराने का आरोप
युवती ने कहा कि फूफा ने एक अज्ञात व्यक्ति को आगे कर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष केस दर्ज कराया। आवेदन में आरोप लगाया गया कि युवती का अपहरण कर जबरन शादी कराई जा रही है और पिता ने सात लाख में लड़की को बेच दिया है।
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पीड़िता के अनुसार ये सब गलत बात है। 27 नवंबर को महिला आयोग में दोनों पक्षों की उपस्थिति में सुनवाई हुई। इस दौरान फूफा ने कहा कि वह शादी में किसी तरह की बाधा नहीं डालेंगे। शादी के बाद लगा कि विवाद खत्म हो जाएगा, लेकिन उत्पीड़न ने और गंभीर रूप ले गया।तीन दिसंबर को महिला आयोग से संबंधित आवेदन की प्रति निकलवाई गई और विवरणों से कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। इसके बाद इस फर्जी प्रति को जानबूझकर युवती के पति को भेजा गया।


