डेस्कः ओडिशा के कंधमाल जिले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों ने हिडमा के बाद एक और बड़े नक्सली कमांडर को मार गिराया है। नक्सल कमांडर और केंद्रीय कमिटी सदस्य गणेश उइके समेत चार नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है। गणेश उइके ओडिशा नक्सल संगठन का प्रमुख था और उसपर सरकार ने 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। लिस के अनुसार यह मुठभेड़ गुरुवार को चकापाड़ थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई।नक्सल उन्मूलन के लिहाज से मौजूदा साल 2025 अब तक का सबसे सफल साल साबित हो रहा है। जून महीने में केशवराव उर्फ बसवराजू के एनकाउंटर, दो महीने पहले हिड़मा के सफाए के बाद अब सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है।

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गणेश उइके सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और ओडिशा में प्रतिबंधित संगठन का मुखिया माना जाता था। उसके सिर पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गणेश उइके की उम्र 69 साल थी और वह तेलंगाना के नालगोंडा जिले के चेंदूर मंडल के पुललेमाला गांव का रहने वाला था। गणेश उइके को पक्का हनुमंतु, राजेश तिवारी, चमरू और रूपा जैसे कई नामों से जाना जाता था। बाकी तीन माओवादी, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। उनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।पुलिस का कहना है कि इलाके में और भी खोजबीन की जा रही है।
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ओडिशा पुलिस ने बताया कि स्पेशल इंटेलिजेंस विंग से मिली जानकारी के आधार पर कंधमाल जिले के चाकपाड पुलिस स्टेशन इलाके और गंजाम जिले के सीमावर्ती इलाकों में रम्भा जंगल रेंज में 23 टीमों (20 SOG, 2 CRPF, 1 BSF) का एक जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया। आज कई बार गोलीबारी हुई। इलाके की तलाशी के बाद, वर्दी पहने 4 माओवादियों (2 पुरुष और 2 महिलाएं) के शव बरामद किए गए, साथ ही 2 INSAS राइफल और एक राइफल भी मिली। मारे गए माओवादियों में से एक की पहचान गणेश उइके के रूप में हुई है, जो सेंट्रल कमेटी का सदस्य और ओडिशा में नक्सली संगठन का प्रमुख था। बाकी तीन की पहचान अभी होनी बाकी है। गणेश उइके पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम था



