बीजेपी ने गढ़वा में 2 मृत नेताओं को बनाया मंडल प्रतिनिधि, गड़बड़ी पकड़े जाने पर सुधारा

Picture of Live Dainik

Live Dainik

December 15, 2025

बीजेपी ने गढ़वा में 2 मृत नेताओं को बनाया मंडल प्रतिनिधि, गड़बड़ी पकड़े जाने पर सुधारा

रांचीः एसआईआर और नाम सत्यापन की मुखर पक्षधर बीजेपी अपने ही संगठन में नामों की शुद्धता नहीं संभाल सकी। गढ़वा जिले के रमकंडा और चिनियां मंडल में बीजेपी ने ऐसे नेताओं को मंडल प्रतिनिधि बना दिया, जिनका महीनों पहले निधन हो चुका था। रमकंडा मंडल में आठ माह पूर्व दिवंगत पारस नाथ माली और चिनियां मंडल में दो माह पहले दिवंगत रामसकल कोरवा के नाम से नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए।

नितिन नबीन होंगे बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, बिहार सरकार में हैं मंत्री
मामला सामने आने के बाद शिकायत के आधार पर वरीय नेताओं ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद आनन-फानन में सूची में सुधार किया गया। दिवंगत नेताओं के नाम हटाकर रमकंडा से सोनू देवी और चिनियां से कपिल प्रसाद को मंडल प्रतिनिधि बनाया गया। हालांकि, संशोधित सूची में पहले से नियुक्ति बरडीहा के संजय यादव, मझिआंव ग्रामीण के उमाशंकर यादव, मझिआंव नगर के पवन कुमार और वंशीधर नगर के अशोक सेठ के नाम भी हटा दिए गए, जिससे संगठन में असंतोष है। उल्लेखनीय है कि बीजेपी में संगठन पर्व के तहत इन दिनों संगठनिक चुनाव चल रहे हैं। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के मंडल अध्यक्षों और मंडल प्रतिनिधियों का चुनाव हो रहा है। इसके बाद जिला अध्यक्षों का चुनाव होना है।

See also  मुंबई पुलिस कमिश्नर बताकर कोडरमा के परिवार को 5 घंटे रखा डिजिटल अरेस्ट, दिल्ली-ब्लास्ट और हवाला के नाम पर डराया

‘मेरे खिलाफ रचा जा रहा षड्यंत्र’, ऑडियो-वीडियो लीक मामले पर बोले कांग्रेस नेता प्रदीप यादव
दिवंगत पारस नाथ माली के बेटे अवधेश माली ने कहा कि मेरे पिता का का निधन अक्टूबर में हो चुका है। मुझे जानकारी मिली है कि पिता को मंडल प्रतिनिधि के रूप में चुना गया है। पार्टी के स्थानीय नेताओं को मेरे पिता के दिवंगत होने की खबर है, फिर भी उन्हें मंडल प्रतिनिधि चुना जाना आश्चर्यजनक है। मैं पिछले कई वर्षो से पार्टी का अनुशासित सिपाही हूं, अच्छा होता कि पिता की जगह अब मुझे प्रतिनिधि बनाया जाए। वहीं रामसकल कोरवा के बेटे राजू कोरवा ने कहा कि मेरे पिता का निधन 10 अप्रैल 2025 को हुआ। वे चिनिया मंडल के बीजेपी नेता थे। उनके दिवंगत होने पर पार्टी के कई नेताओं के साथ-साथ गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और पलामू सांसद बीडी राम भी आए थे। ऐसा सुनकर मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि पिता को मंडल प्रतिनिधि बना दिया गया है। ऐसा नहीं होना चाहिए। अब यह किसकी गलती है, इसके बारे में मुझे पता नहीं।

See also  बोकारोः स्टील प्लांट में लापरवाही ,गर्म लोहा गिरने से लगी आग; राहत की बात कोई हताहत नहीं

झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता से मांगी गई दो करोड़ की रंगदारी, राहुल दुबे गैंग के नाम पर आया फोन
जिला प्रभारी बोले-टाइपिंग की गलतीः बीजेपी के गढ़वा जिला चुनाव प्रभारी अमरदीप यादव ने पूरे मामले को टाइपिंग त्रृटि बताया है। उन्होंने कहा- जो पत्र जारी हुआ है, उसमें टाइपिंग की गलती हुई होगी। चिनियां और रमकंडा मंडल प्रतिनिधि के रूप में योग्य लोगों का ही चयन किया गया है। यह पूछे जाने पर कि क्या केवल टेबल पर बैठक कर नामों का चयन कर लिया गया था। अमरदीप यादव ने कहा कि मंडल अध्यक्षों और मंडल प्रतिनिधियों के नामों के चनय की प्रक्रिया संगठनात्मक तरीके से पूरी की गई है।

सारंडा में दो IED विस्फोट, कोबरा बटालियलन के 2 जवान घायल, रांची किये गए एयरलिफ्ट
बिना सत्यापन हुई प्रक्रिया, इसलिए सूची में गड़बड़ी
इस बार झारखंड में बीजेपी का सदस्यता अभियान उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। व्यापक प्रयासों के बावजूद कई वार्ड इसलिए गठित नहीं हो पाए, क्योंकि वहां सक्रिय सदस्यों की संख्या निर्धारित मानक से कम रही। वार्डो के गठन में आई यह बाधा सीधे तौर पर मंडल गठन की प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। नियमों के मुताबिक, जब तक आधे से अधिक वार्ड गठित नहीं होते, तब तक मंडल चुनाव नहीं कराया जा सकता है। इसी तरह, आधे से अधिक मंडलों का चुनाव पूरा होने के बाद ही जिला अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होती है। लेकिन संगठन पर्व के दवाब में कई जगहों पर प्रक्रियात्मक संतुलन बिगड़ गया। सूत्रों के अनुसार, मंडलों में रायशुमारी के दौरान मंडल अध्यक्षों के नाम तो तय कर लिए गए, लेकिन कई स्थानों पर मंडल प्रतिनिधि पुराने ही बने रहने दिए गए। सबसे अहम बात यह रही कि इन पुराने मंडल प्रतिनिधियों के जीवित होने या न होने तक की औपचारिक जांच नहीं की गई। न तो अद्यतन सूची देखी गई और न ही जमीनी स्तर पर पुष्टि कराई गई। इसी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि दिवंगत नेताओं के नाम संगठन की सूची में शामिल हो गए। मामला सार्वजनिक होने के बाद पार्टी को आनन-फानन में सुधार करना पड़ा।

See also  पाकिस्तान के सियालकोट में पाकिस्तान का लॉन्चपैड भारतीय सेना ने किया तबाह, पाकिस्तानी रेंजर्स चौकी छोड़कर भागे
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now