डेस्कः शुक्रवार को कोल्हान के नक्सल प्रभावित सारंडा में आईईडी ब्लास्ट हुआ। पश्चिम सिंहभूम जिले के कोलबंगा में हुए आईईडी ब्लास्ट में 16 साल की किशोरी की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं इस ब्लास्ट में दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना ने एक बार फिर से सारंड इलाके में नक्सल खतरे को उजागर कर दिया है।
डीएवी कपिलदेव स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल एमके सिन्हा को बड़ा झटका, नर्स के यौन उत्पीड़न मामले में सरेंडर करने का निर्देश
पत्ता चुनकर लौट रहे थे 15 से 20 ग्रामीण, फिर भीषण विस्फोट
पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह विस्फोट लेबरागढ़ा जंगल क्षेत्र में उस समय हुआ, जब 15 से 20 ग्रामीणों का समूह जंगल से पत्ता चुनने के बाद वापस अपने गांव की ओर लौट रहा था। आईईडी (IED) आमतौर पर नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए बिछाया जाता है, लेकिन अक्सर ग्रामीण ही इसकी चपेट में आ जाते हैं।
वाराणसी के शुभम जायसवाल के ‘ड्रग कार्टल’ ने कैसे झारखंड में फैलाया पांव ? कौन है अमित सिंह टाटा ? धनबाद में एक ही जगह पर कैसे मिले इतने लाइसेंस?
स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए पहुंचे घायल
विस्फोट के बाद जंगल में चीख-पुकार मच गई। बाकी ग्रामीणों ने जल्दबाजी और हिम्मत के साथ घायल महिलाओं को संभाला। स्थानीय लोगों की मदद से ही घायलों को तुरंत मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।






































































































