रांचीः मंगलवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। समन का पालन नहीं करने को लेकर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर शिकायतवाद पर एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट में चल रहे मामले में हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में दी गई अंतरिम राहत को समाप्त कर दिया गया है।
इंडिया-साउथ अफ्रीका वनडे मैच के लिए टिकट बिक्री शुरू, सोमवार देर रात से लगी लंबी लाइन, JSCA स्टेडियम में खुले 6 काउंटर
जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से समय की मांग की गई तथा अंतरिम राहत को बढ़ाने का आग्रह किया गया। अदालत ने राज्य सरकार के आग्रह को अस्वीकार करते हुए पहले जारी किए गए अंतरिम आदेश को खत्म कर दिया।
हजारीबाग केंद्रीय कारा के पूर्व सुपरिटेंडेंट जितेंद्र सिंह को लेकर एक और खुलासा, 10 पालतू कुत्तों की रखवाली में लगाए थे 18 जेलकर्मी
बता दें कि ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर समन की अवहेलना का आरोप लगाते हुए दायर शिकायतवाद पर निचली अदालत में मामला दर्ज किया है। एमपी-एमएल विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान अदालत ने मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
दहेज उत्पीड़न में झारखंड की दर सबसे अधिक, रेप केस भी बढ़े; रांची सबसे असुरक्षित शहर
अदालत के निर्देश के खिलाफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की याचिका लगाई थी, लेकिन निचली अदालत ने इसे खारिज कर दिया। इसी को चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और साथ ही निचली अदालत में लंबित मामले को निरस्त करने की भी मांग की थी। हाईकोर्ट ने उस निचली अदालत द्वारा मुख्यमंत्री को उपस्थित होने के आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है।




