बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पटना सहित कई जिलों में अवैध बालू की जब्ती का अभियान चला था। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के सहयोग से इस अभियान के दौरान अवैध रूप से भंडारित करोड़ों रुपये की बालू जब्त हुई थी। जानकारी मिली है कि चुनाव के बीच माफियाओं ने कई जगह जब्त बालू चोरी कर बेच डाला है। इनकी कीमत करोड़ों रुपये में है।
मामला संज्ञान में आने पर खान एवं भूतत्व विभाग ने जिला खनन पदाधिकारियों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। जून-जुलाई में ईओयू और स्थानीय पुलिस ने भोजपुर के कोईलवर, पटना में सोन नदी के किनारे व सारण में बालू घाटों के आसपास छापेमारी की थी। इस छापेमारी में दर्जनों जगह पर बालू के बड़े-बड़े भंडार मिले। सिर्फ पटना जिले के चार थाना इलाके बिहटा, रानीतालाब, बिक्रम और मनेर में लगभग 12 करोड़ रुपये मूल्य का अवैध बालू भंडार मिला था।
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बिहटा के पांडेयचक और केलहनपुर में 2.13 करोड़ के 1.95 लाख सीएफटी, जबकि बिंदौल एवं घोड़ाटॉप में 1.45 करोड़ के 1.32 सीएफटी (घनमीटर) से अधिक बालू की जब्ती हुई थी। रानीतालाब के धाना और काब इलाके में 2.28 करोड़ का 2.10 लाख सीएफटी, मठियाटोला, लहलादपुर, बुद्धु छपरा, जितन छपरा, जनपारा, बराह इलाके में 1.68 करोड़ के 1.53 लाख सीएफटी बालू बरामद हुआ।
भंडारित बालू के जमीन मालिकों को चिह्नित किया जाएगा
अवैध बालू की जब्ती के बाद बालू माफियाओं को चिह्नित करने का अभियान चलाया गया। इसके तहत भंडारित बालू के जमीन मालिक की पहचान की कार्रवाई की जानी थी। माफियाओं की गिरफ्तारी के भी निर्देश दिये गए थे, लेकिन चुनाव के चलते इस दिशा में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में अब अभियान तेज होने की उम्मीद है। साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिर सकती है।
बालू की मापी कर मांगी गयी रिपोर्ट
विभाग ने जिला खनन पदाधिकारियों से जब्त बालू की मापी कर रिपोर्ट तलब की है। इसको लेकर खान निरीक्षकों की टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। साथ ही दोषियों को चिह्नित कर उन पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई होगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पटना, भोजपुर, सारण, जमुई सहित कई इलाकों में जब्त बालू के माप में भारी कमी की जानकारी मिली है।
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