लोहरदगा : मंजुरमति उच्च विद्यालय महादेव आश्रम का वार्षिकोत्सव रविवार को विद्यालय सभागार में बड़े ही उत्साह, भव्यता और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। वार्षिकोत्सव का पूरा आयोजन छात्रों की प्रतिभा, अनुशासन और विद्यालय की उत्कृष्ट व्यवस्था का शानदार प्रदर्शन रहा, जिसने सभी पर गहरा प्रभाव छोड़ दिया। कार्यक्रम की शुरुआत आगत अतिथियों द्वारा पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। इसके बाद विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मनमोहक स्वागत गीत से अतिथियों का अभिवादन कर माहौल को खुशनुमा बना दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज्ञा पांडेय ने औपचारिक स्वागत भाषण में विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्यरत है। स्वागत भाषण के बाद मंच पर एक के बाद एक विभिन्न वर्गों के छात्रों ने अपनी कला और प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से बार-बार गूंजता रहा। विद्यालय के सचिव मदन मोहन पांडेय ने अभिभाषण में विद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इसके बाद मुख्य अतिथि कृपा शंकर सिंह ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बताया कि शिक्षा के साथ अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों का समन्वय ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ कला एवं संस्कृति से भी जुड़ने की प्रेरणा दी और विद्यालय के प्रयासों की खुलकर सराहना की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में ओमप्रकाश सिंह, कृपाशंकर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष मनीर उरांव, जय श्रीराम समिति के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, अजय मित्तल, राजेश कुमार महतो, मदन मोहन पांडेय, रीता पांडेय सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
नन्हे-मुन्नों से लेकर सीनियर तक की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
वार्षिकोत्सव में कक्षा नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के बच्चों ने दिल है छोटा सा पर प्यारा डांस कर दर्शकों का दिल जीत लिया। कक्षा एक के बच्चों ने आकर्षक रीमिक्स डांस किया, जबकि कक्षा दो ने पुरानी पीढ़ी बनाम नई पीढ़ी विषय पर शानदार प्रस्तुतिकरण कर खूब तालियां बटोरीं। जूनियर सेक्शन की प्रस्तुति में कक्षा षष्टम के बच्चों का झारखंडी गीत पर डांस और कक्षा षष्टम-सप्तम द्वारा“झारखंडी कोयल बोले प्रस्तुति ने स्थानीय संस्कृति को सजीव कर दिया। कक्षा दशम के छात्रों का मराठी नृत्य सांस्कृतिक विविधता का सुंदर उदाहरण रहा। कक्षा एक और तीन के छात्रों का पहाड़िया फोक डांस विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बना। कक्षा अष्टम-नवम ने छत्तीसगढ़ी डांस से ऊर्जा से भरपूर माहौल बना दिया, जबकि कक्षा षष्टम ने ढफली वाले” डांस से मंच को संगीतमय कर दिया। कक्षा दशम का माइम एक्ट देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ था, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। राजस्थानी कलबेलिया नृत्य द्वारा कक्षा तीन व चार के बच्चों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कक्षा नवम द्वारा असम का बिहू नृत्य और छात्र आदर्श का अपलम-चपलम डांस कार्यक्रम की खास पेशकश रहे। कक्षा अष्टम का रामायण एक्ट और सीनियर वर्ग का ओल्ड एज एक्ट सामाजिक संदेशों से भरपूर रहा, जिसने दर्शकों को सोचने पर विवश किया












