इन्क्यूबेशन सेंटर, बी.आई.टी. पटना द्वारा “आई.पी.आर. बेसिक्स फॉर इनोवेटर्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप” विषय पर एक प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सत्र का सफल आयोजन *13 नवम्बर 2025* को संस्थान के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों में नवाचार, उद्यमिता तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों (Intellectual Property Rights – IPR) के महत्व को समझाना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण के विकास इंजन के रूप में तैयार करना था।
कार्यक्रम में *स्टार्टअप बिहार* के वरिष्ठ सलाहकार *श्री सुदर्शन चक्रवर्ती* एवं *श्री मनीष रंजन* विशेष वक्ताओं के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को आई.पी.आर. के विभिन्न पहलुओं, नवाचार सुरक्षा के महत्व तथा उद्यमशीलता के अवसरों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। विशेषज्ञों ने बताया कि बौद्धिक संपदा अधिकार न केवल नए विचारों की सुरक्षा करते हैं, बल्कि युवा मस्तिष्कों में रचनात्मक सोच और उद्यमशीलता भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं।
कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया *बी.आई.टी. पटना के निदेशक, डॉ. आनंद कुमार सिन्हा* की उपस्थिति ने। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट सोच, जुनून और दृढ़ उद्देश्य के साथ नवाचार की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य—*डॉ. एस. के. सिन्हा, डॉ. आर. एस. पांडेय, डॉ. रत्नेश मिश्रा एवं डॉ. परमजीत कौर*—भी उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम और भी प्रभावशाली बन सका।
कार्यक्रम की शुरुआत *डॉ. उपेंद्र कुमार* द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं परिचय से हुई। सत्र के अंत में *डॉ. के. पी. तिवारी* ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं और आयोजन टीम को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
इन्क्यूबेशन सेंटर, बी.आई.टी. पटना द्वारा आयोजित यह सत्र विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमिता तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की संस्थान की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस कार्यक्रम ने न केवल छात्रों में नए विचारों को जन्म दिया, बल्कि उन्हें भविष्य के इनोवेटर्स एवं एंटरप्रेन्योर्स बनने के लिए प्रेरित भी किया।







