रांची: प्रदेश भाजपा ने भारत के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज भव्य सामूहिक गान कार्यक्रम का आयोजन किया। प्रदेश मुख्यालय रांची सहित रांची महानगर, धनबाद, देवघर और दुमका में एक साथ यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम की प्रदेश संयोजक सुनीता सिंह ने बताया कि यह आयोजन भारत माता के प्रति श्रद्धा, एकता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्यवासियों को वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भले ही भारत ने हजार वर्षों की गुलामी झेली हो, लेकिन उसकी सांस्कृतिक चेतना कभी मंद नहीं हुई। मनीषियों ने गीतों और भजनों के माध्यम से राष्ट्रभावना को सदैव जीवित रखा।
उन्होंने कहा कि 1875 में कवि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने भारत माता के महान रूप का दर्शन कर ‘वंदे मातरम’ की रचना की। “भारत माता केवल भूमि नहीं, बल्कि दुर्गा की शक्ति, लक्ष्मी की समृद्धि और सरस्वती के ज्ञान का स्वरूप हैं,” मरांडी ने कहा।
कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने कहा कि भारत की यह धरती केवल मिट्टी नहीं, बल्कि मां का रूप है। “यही भावना वंदे मातरम के स्वरों में प्रवाहित होती है,” उन्होंने कहा। भाजपा ने ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को अपने संकल्प का केंद्र बनाया है।
प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि “वंदे मातरम केवल गीत नहीं, बल्कि भारत माता की आराधना का मंत्र है। इसी भावना से आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और विकसित भारत का निर्माण संभव है।” विधायक सी.पी. सिंह ने कहा कि वंदे मातरम जागृत और दिव्य भारत की वंदना है, जिसमें भारत माता के प्राकृतिक और आध्यात्मिक सौंदर्य दोनों का समावेश है।
प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि “कांग्रेस ने हमेशा देश की सांस्कृतिक विरासत पर प्रहार किया और वंदे मातरम को वोट बैंक की राजनीति में उलझा दिया।” उन्होंने कहा कि मुस्लिम लीग के दबाव में कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय अधिवेशन में वंदे मातरम के गान पर रोक तक लगा दी थी।
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कार्यालय मंत्री हेमंत दास ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश मंत्री एवं सह संयोजक मनोज महतो ने दिया। सामूहिक गान का नेतृत्व सुनीता सिंह, सीमा सिंह, राजश्री जयंती, शालिनी नायक और शिवपूजन पाठक ने किया।




