वेनेजुएला की नेता मारिया कोरीना माचाडो को मिला 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार, ट्रंप को मांगने पर भी नहीं मिला नोबेल

machado

डेस्क:   नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता और राजनीतिज्ञ मारिया कोरीना माचाडो को प्रदान किया है। उन्हें यह सम्मान वेनेजुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों और स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के उनके अथक प्रयासों के लिए दिया गया है।

इस वर्ष की विजेता को 11 लाख स्वीडिश क्रोनर (लगभग 1.17 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की पुरस्कार राशि, एक नोबेल डिप्लोमा और स्वर्ण पदक प्रदान किया जाएगा।

छह नोबेल श्रेणियों में से शांति पुरस्कार को विश्वभर में सबसे अधिक प्रतिष्ठा और ध्यान प्राप्त होता है। इस बार कई प्रमुख नामों में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल थे, जिन्होंने इस पुरस्कार के लिए सक्रिय रूप से अभियान चलाया था और कई देशों व नेताओं द्वारा नामित किए गए थे।

निर्णय की घोषणा करते हुए नोबेल समिति के अध्यक्ष जोर्गेन वॉटने फ्राइडनेस ने कहा—

“नोबेल शांति पुरस्कार के लंबे इतिहास में हमने कई तरह के अभियान और मीडिया दबाव देखे हैं। हमें हर साल हजारों पत्र मिलते हैं जिनमें लोग बताते हैं कि उनके लिए शांति का अर्थ क्या है। लेकिन हमारा निर्णय केवल अल्फ्रेड नोबेल की भावना, साहस और सत्यनिष्ठा पर आधारित होता है।”

डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कई बार यह दावा कर चुके हैं कि वे इस पुरस्कार के हकदार हैं। वे अक्सर बराक ओबामा से अपनी तुलना करते हैं, जिन्हें 2009 में कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिला था।

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में इस वर्ष सितंबर में बोलते हुए ट्रंप ने कहा था—

“हर कोई कहता है कि मुझे नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। मैंने सात युद्ध खत्म किए हैं। किसी भी राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री ने ऐसा कुछ नहीं किया।”

हालांकि, इस वर्ष नोबेल समिति के फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया कि दुनिया ने मारिया कोरीना माचाडो के साहसिक और लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष को सर्वोच्च सम्मान देने का निर्णय लिया है।

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