रांचीः झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेसी नेता इरफान अंसारी ने रांची के भाजपा विधायक सीपी सिंह के नाम पर सोशल मीडिया पर एक खुला पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने सिंह को पितातुल्य और सच्चा मार्गदर्शक बताते हुए भाजपा में हो रहे उनके अपमान की ओर उनका ध्यान आकृष्ट किया। इस सार्वजनिक पत्र में अंसारी ने दावा किया कि अपनी जाति की वजह से सिंह को भाजपा में वह सम्मान नहीं मिल रहा, जिसके वह हकदार हैं।
इसी वजह से ना तो उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया गया और ना ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। अंसारी ने यहां तक कहा कि यह सब देखकर एक बेटे के लिए चुप रहना कठिन हो जाता है। पत्र के अंत में अंसारी ने सिंह के अपमान को झारखंड के साथ-साथ राजनीति का भी अपमान बताया और यह कहकर उन्हें उकसाने की कोशिश की कि जहां सम्मान न मिले, वहां रुकने का क्या मतलब।
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अपने पत्र की शुरुआत में इरफान अंसारी ने सिंह को संबोधित करते हुए लिखा, ‘आदरणीय रांची विधायक सीपी बाबू, मैं आपको वर्षों से जानता हूँ – पार्टी कोई भी रही हो, मैंने हमेशा सच्चाई का साथ दिया है और आपने भी मुझे अपने बेटे जैसा स्नेह और मार्गदर्शन दिया है। राजनीति के सफर में आपने मुझे न सिर्फ़ रास्ता दिखाया, बल्कि कई बार आईना भी, जो एक सच्चे मार्गदर्शक की पहचान होती है। लेकिन आज जब मैं देखता हूँ कि भारतीय जनता पार्टी जैसे संगठन में भी आपको वह सम्मान नहीं मिल रहा, जिसके आप वास्तविक अधिकारी हैं – तो दिल से दुख होता है।’
आगे अंसारी ने कई उदाहरण देते हुए यह साबित करने की कोशिश की कि भाजपा में सिंह के साथ नाइंसाफी हो रही है और जानबूझकर उनका अपमान किया जा रहा है। उन्होंने लिखा, ‘क्या यह सिर्फ़ विचारधारा का मामला है? या फिर सवाल यह है कि कहीं सवर्ण जाति का होना ही आपके सम्मान में बाधा बन गया है? क्या झारखंड भाजपा अब सवर्ण समाज को हाशिए पर रखना चाहती है? आपको नेता प्रतिपक्ष बनना चाहिए था– नहीं बनाया। आपको प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहिए था– नहीं बनाया। यह सब देखकर लगता है कि जानबूझकर आपकी उपेक्षा की जा रही है। और यह सब मेरी आंखों के सामने हो रहा है, तो चुप रहना कठिन हो जाता है।’
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इसके बाद अंसारी ने भाजपा पर सिंह को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक बेटा यह सब होते हुए नहीं देख सकता। उन्होंने लिखा, ‘मैं कांग्रेस में हूं, आप भाजपा में हैं– विचारधारा अलग हो सकती है। पर रिश्ता तो वही है– बेटे का। और एक बेटा देखकर नहीं सह सकता कि जिस व्यक्ति ने पार्टी को जीवन दे दिया, उसे ही आज पार्टी दरकिनार कर दे। अब बहुत हो गया। जहां सम्मान न मिले, वहाँ रुकने का क्या मतलब? आपका सम्मान मेरे लिए सर्वोपरि है। आप जैसे अनुभवी, विचारशील और जमीन से जुड़े नेता का अपमान केवल झारखंड ही नहीं, राजनीति का भी अपमान है। आपका- डॉ. इरफान अंसारी’




