रांचीः झारखंड में बिजली कर्मचारियों ने मांगे पूरी न होने पर ब्लैकआउट की चेतावनी दी है। राज्य के ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने राज्यस्तरीय बैठक में ऊर्जा विकास निगम से 80% रिक्त पदों पर तत्काल नियमित बहाली की मांग को लेकर पुख्ता फैसला लिया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक निगम द्वारा नए पद सृजित नहीं किए जाएंगे। यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो पूरे झारखंड में विद्युत कर्मी व्यापक ब्लैकआउट आंदोलन करेंगे।
प्रेस क्लब रांची में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने की। बैठक में सभी एरिया बोर्ड और ट्रांसमिशन जोन के प्रतिनिधि शामिल थे। राय ने माना कि निगम में वर्तमान समय में लगभग 7000 मानव दिवस कर्मी एजेंसी के माध्यम से कार्यरत हैं, जो निगम के कुल कर्मचारियों का 80% हिस्सा बनाते हैं। इनके नियमितीकरण की मांग के साथ संघ ने चार मुख्य बिंदु भी रखे हैं।
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संघ की मांगें तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के सभी 80% रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति को सुनिश्चित किया जाए। कार्य अनुभव की प्राथमिकता दी जाए, जैसा कि 2016 और 2018 में हुआ था, साथ ही आयु सीमा में छूट दी जाए। वर्ष 2014 के सर्वे फाइल के आधार पर लगातार 10 वर्ष सेवा करने वाले कर्मियों का सीधा नियमितीकरण किया जाए। अधिसूचना संख्या-625 को सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू किया जाए।
बैठक में 2025 से 2027 के लिए नई कार्यसमिति का भी गठन किया गया, जिसमें प्रमुख पदाधिकारियों का चुनाव हुआ। अजय राय को अध्यक्ष निर्वाचित किया गया जबकि दिवाकर मिश्रा, फलेश्वर महली, मो. रजी समेत अन्य उपाध्यक्ष बने। इसके साथ ही अमित कुमार कश्यप प्रधान महासचिव चुने गए।
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने निगम से जल्द मांगों को स्वीकार कर नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने और विद्युत कर्मियों के हितों की रक्षा का आह्वान किया है। अगर उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो वे आगामी समय में राज्यव्यापी ब्लैकआउट के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
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