H-1B वीजा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाई-स्किल वीज़ा धारकों के लिए घोषित 1 लाख डॉलर की नई फीस केवल नए आवेदकों पर लागू होगी। यह नियम मौजूदा वीज़ा धारकों पर लागू नहीं होगा, भले ही वे अमेरिका से बाहर यात्रा पर हों। इस जानकारी की पुष्टि एक अमेरिकी अधिकारी ने गुमनाम रहते हुए की।
राष्ट्रपति द्वारा शुक्रवार को किए गए H-1B वीज़ा संबंधी ऐलान के तुरंत बाद अफरा-तफरी मच गई। कंपनियों और इमिग्रेशन वकीलों ने वीज़ा धारकों को चेतावनी दी कि वे सोमवार रात 12 बजे से पहले अमेरिका लौट आएं, क्योंकि नई नीति उस समय से लागू होनी थी।
हालांकि, शुक्रवार को हस्ताक्षरित राष्ट्रपति की उद्घोषणा के पाठ में वर्तमान वीज़ा धारकों और नए आवेदकों के बीच कोई स्पष्ट अंतर नहीं बताया गया है। उद्घोषणा के अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी सचिव उन H-1B याचिकाओं पर निर्णय रोक सकते हैं, जिनमें नई फीस जमा नहीं की गई है, खासकर जब वीज़ा धारक अमेरिका से बाहर हों।
अमेरिकी अधिकारी ने साफ किया कि वर्तमान H-1B वीज़ा धारकों को रविवार से पहले जल्दबाज़ी में लौटने की आवश्यकता नहीं है।
इस अफरातफरी ने 2017 के ट्रैवल बैन की याद दिला दी, जब नीति को लेकर व्यापक अनिश्चितता थी और हड़बड़ी में इसे लागू किया गया था, जिससे एयरपोर्ट और बॉर्डर स्टाफ को स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिल पाए थे।
नई नीति इस सप्ताहांत से लागू होने जा रही है, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने वीज़ा धारकों को इसके क्रियान्वयन और एजेंसियों द्वारा इसे लागू करने के तरीकों को लेकर बहुत सीमित जानकारी दी है।




