डेस्कः बिहार के पटना एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही बढ़ेगी। इसके लिए सभी विमान कंपनियों को पटना एयरपोर्ट प्रबंधन ने पत्र लिखा है। प्रबंधन ने दावा किया है कि जल्द ही पटना एयरपोर्ट से 100 विमानों का परिचालन शुरू होगा।
एयरपोर्ट पर 12 सौ करोड़ से नये टर्मिनल भवन बनने के बाद सुविधा के साथ विमानों की पार्किंग की क्षमता भी बढ़ी है। टर्मिनल बनने के बाद यहां एक साथ 11 विमान खड़े हो सकते हैं। इसी कारण प्रबंधन ने हवाई जहाज की संख्या में वृद्धि के लिए विमान कंपनियों से आग्रह किया है। प्रबंधन का दावा है कि हम पटना में 24 घंटे विमान कंपनी को व्यवस्थाएं उपलब्ध करा सकते हैं।
पटना हवाई अड्डे से वर्तमान में 80 विमानों की प्रतिदिन आवाजाही होती है। इनमें सबसे अधिक 26 विमान दिल्ली के लिए हैं। बेंगलुरु के लिए 10 और मुंबई व हैदराबाद के लिए 8-8 विमान हैं। इसके बावजूद इन मार्गों के अलावा अन्य सभी रूटों में यात्रियों का बहुत अधिक दबाव है। सूत्रों ने बताया की दिल्ली के लिए सबसे अधिक फ्लाइट चलने के बावजूद यात्रियों का अधिक दबाव दिल्ली मार्ग पर ही है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि लोग दिल्ली से कनेक्टिंग फ्लाइट से विदेश तक आवागमन करते हैं।
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दिल्ली के अलावा बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद रूट पर भी अतिरिक्त विमान चलाने की आवश्यकता है। मध्य प्रदेश के लिए एक भी विमानों का परिचालन नहीं हो रहा है। इन शहरों से भी विमान परिचालन शुरू करने की जरूरत है। विमान की संख्या बढ़ेगी, तो निश्चित ही किराये में कमी आएगी। इसके पीछे का कारण बताया गया कि विमान की सीट जैसे-जैसे रिजर्व होती है वैसे-वैसे किराया बढ़ता जाता है।
एयरपोर्ट प्रबंधन ने विभिन्न विमान कंपनियों से आग्रह किया है कि बड़े-बड़े शहरों से रात में भी पटना के लिए विमान की सेवा शुरू की जाए। टर्मिनल भवन बनने के बाद पटना एयरपोर्ट पर वह सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो रात में विमान परिचालन के लिए आवश्यक है। अभी 11 बजे रात तक विमान का परिचालन हो रहा है। उसके बाद सुबह छह बजे तक एयरपोर्ट बिल्कुल खाली रहता है। इससे 11 बजे रात से सुबह छह बजे के बीच उड़ान सेवा प्रारंभ करने के लिए भी विशेष तौर पर आग्रह किया गया है।
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