डेस्कः फरवरी 2024 में नीतीश सरकार के विश्वास प्रस्ताव से पहले विधायकों को प्रलोभन देने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) जल्द चार्जशीट की तैयारी में है। इससे पहले पर्याप्त प्रमाण इकट्ठा करने को लेकर मामले से जुड़े सभी आरोपितों और प्रभावितों से पूछताछ कर उनके बयान को कलमबंद किया जा रहा है। इनके करीबियों जैसे बॉडीगार्ड, पर्सनल असिस्टेंट (पीए), ड्राइवर आदि को भी नोटिस देकर बुलाया जा रहा है।
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इस कड़ी में बुधवार को ईओयू मुख्यालय में प्राथमिकी के मुख्य आरोपित वैशाली के ई. सुनील से दूसरी बार करीब चार घंटे तक पूछताछ हुई। उनके साथ ही मनेर के मोनू कुमार ने भी ईओयू कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया। मोनू के नाम पर रांची में होटल बुक कराये जाने का आरोप है, जिनमें प्रभावित विधायक को ठहराया गया था। पटना के कोतवाली थाने में दर्ज इस मामले में ई. सुनील को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। ईओयू इस मामले में उनसे पहले ही एक राउंड की पूछताछ कर चुकी है। उनके बाद पूर्व मंत्री बीमा भारती, परबत्ता विधायक डॉ संजीव कुमार सहित कई अन्य लोगों के बयान दर्ज किये गए हैं।
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बयान में विरोधाभास दिखा तो लाई-डिटेक्टर टेस्ट संभव
पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों के सवाल पर ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लन ने कहा कि मामले में अलग-अलग लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके बाद चार्जशीट दायर की जायेगी। विरोधाभास बयान मिलने पर उनका स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। नयी जानकारी मिलने पर क्रॉस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर दर्ज बयान में अंतर दिखा तो आरोपियों का लाई-डिटेक्टर टेस्ट भी संभव है।




