पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, TRE-4 से पहले STET की मांग के दौरान पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

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August 7, 2025

पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, TRE-4 से पहले STET की मांग के दौरान पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

पटनाः राजधानी पटना में छात्रों पर एक बार फिर पुलिस ने लाठियां बरसाई। एसटीईटी परीक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया जिसमें कई छात्र घायल हो गए। पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों को भी नहीं छोड़ा। शिक्षक भर्ती के लिए टीआरई-4 के पहले एसटीईटी आयोजित करने की मांग को लेक प्रदर्शन आयोजित किया गया था। पटना कॉलेज से निकले छात्रों के जुलूस को जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने रोक दिया। आगे बढ़ने की कोशिश करते प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाकर पुलिस ने खदेड़ दिया। पुलिस की कार्रवाई से कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

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नीतीश कुमार ने शिक्षक भर्ती के लिए टीआरई-4 और टीआरई-5 का ऐलान कर दिया गया है जिनमें डोमिसाइल नीति लागू करने का आश्वासन दिया गया है। शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे छात्र छात्राओं के लिए यह खास अवसर है। लेकिन जिन छात्र छात्राओं ने अभी तक टीईटी एग्जाम पास नहीं किया है वे इस अवसर से वंचित रह जाएंगे। इसे देखते हुए इनकी मांग है कि टीआरई-4 के पहले एसटीईटी कराई जाए। सरकार पर दबाव बनाने के लिए राजधानी पटना में राज्य के सभी जिलों से शिक्षक अभ्यर्थी जुटे थे और पटना कॉलेज से जुलूस की शक्ल में डाकबंगला चौराहा की ओर जा रहे थे। रास्ते में जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। जिससे सड़क जाम हो गया। कुछ प्रदर्शनकारी जब आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने उन्हें रोका। स्थिति बेकाबू होने लगी तो पुलिस ने लाठी के बल पर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया।मौके पर तैनात पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन की वजह से सामान्य आवागमन में लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। उन्हें सड़क से हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया।

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छात्रों ने बताया कि पूर्व में कहा गया था कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से साल में दो बाद टीईटी एग्जाम लिया जाएगा। बड़ी संख्या में शिक्षक की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राएं हैं जो टीईटी पास नहीं है। उन्हें भी टीआरई-4 में मौका मिले इसके लिए एसटीईटी कराना अनिवार्य है। शिक्षा विभाग सुनवाई नहीं कर रहा है। इस वजह से हमे सड़कों पर उतरना पड़ा है। लेकिन यहां लाठी से हमे पीट दिया गया। एक महिला अभ्यर्थी ने बताया कि उन्हें भी पुलिस ने लाठी से मारा और धक्का देकर गिरा दिया।

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