पटनाः राजधानी पटना के चर्चित गोपाल खेमका मर्डर केस में पहली बार खाकी पर बड़ी कार्रवाई हुई है। व्यवसायी गोपाल खेमका मर्डर हत्याकांड मामले में लापरवाही बरतने पर गांधी मैदान थानेदार राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। आईजी पटना जितेंद्र राणा ने थानेदार के निलंबन की पुष्टि कर दी है। गोपाल खेमका हत्याकांड में लापरवाही बरतने पर गांधी मैदान थाने के SHO राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पटना SSP की सिफारिश पर पटना IG ने की है।
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कहा जा रहा है कि एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने अपनी समीक्षा के दौरान गांधी मैदान थाने के एसएचओ राजेश कुमार को अपने कर्तव्यों में कई बिंदुओं पर लापरवाह पाया है। इसके बाद उन्होंने कठोर कदम उठाते हुए उन्हें सस्पेंड किए जाने की सिफारिश की थी। जिसके बाद SHO राजेश कुमार पर निलंबन की यह गाज गिरी है।
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पटना पुलिस की अब तक की जांच में मामला जमीन विवाद से जुड़ा पाया गया है। मसलन, पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बीते दिनों बताया था, “अभी तक जो मामला सामने आया है वो जमीन विवाद का है,और भी कई वजहें हैं जिन पर हम जांच चल रही है।” उन्होंने बताया था कि विवाद से जुड़े कई ऑडियो क्लिप भी बरामद किए गए और विवाद भी सिर्फ एक जमीन का नहीं है, बल्कि कई सारी जमीनों को लेकर मामला चल रहा था। हत्याकांड में एसआइटी और एसटीएफ की टीम ने हिरासत में लिए गए। मास्टरमाइंड अशोक साव और शूटर उमेश यादव से पूछताछ के बावजूद अभी तक कई बातों का खुलासा नहीं हो सका है। लिहाजा पुलिस ने दोनों को उन स्थानों पर ले जाकर पूछताछ की जहां उनकी लगातार मुलाकात होती थी और हत्या का षडयंत्र रचा गया था।
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आपको बता दें कि गांधी मैदान थाना क्षेत्र के रामगुलाम चौक के पास गोपाल खेमका के आवास के बाहर ही उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। उनका घर गांधी मैदान थाने से महज 300 मीटर की दूरी पर था। इस हत्याकांड के बाद गोपाल खेमका के परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस घटनास्थल पर करीब डेढ़ से 2 घंटे की देर पर पहुंची थी। हालांकि, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से कहा गया था कि इस हत्याकांड की सूचना पुलिस को देर से मिली थी।




