नई दिल्ली: भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधा देने और टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक आसान एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। रेलवे यात्री आरक्षण प्रणाली (Passenger Reservation System – PRS) को पूरी तरह आधुनिक बनाने की योजना पर काम कर रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इस सुधार प्रक्रिया की समीक्षा की और इसे दिसंबर 2025 तक लागू करने का निर्देश दिया।
चार्टिंग व्यवस्था में बदलाव
फिलहाल, रेलवे द्वारा रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के प्रस्थान से 4 घंटे पहले तैयार किया जाता है, जिससे यात्रियों को खासकर आस-पास के क्षेत्रों से आने वालों को परेशानी होती है। इस अनिश्चितता को दूर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने प्रस्ताव दिया है कि चार्ट अब ट्रेन के प्रस्थान से 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। दोपहर 2 बजे से पहले चलने वाली ट्रेनों का चार्ट पिछली रात 9 बजे ही तैयार कर दिया जाएगा।
इस बदलाव से वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को पहले ही जानकारी मिल जाएगी, जिससे वे वैकल्पिक व्यवस्था कर सकेंगे। यह विशेष रूप से दूरदराज़ इलाकों या उपनगरों से यात्रा करने वालों के लिए फायदेमंद होगा।
प्रति मिनट 1.5 लाख टिकट
रेलवे द्वारा तैयार किया जा रहा नया पीआरएस सिस्टम अत्याधुनिक, लचीला और दस गुना अधिक क्षमता वाला होगा। नए सिस्टम में प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकटों की बुकिंग संभव होगी, जो मौजूदा 32,000 प्रति मिनट की तुलना में पांच गुना ज्यादा है।
टिकट पूछताछ की क्षमता भी 4 लाख से बढ़कर 40 लाख प्रति मिनट हो जाएगी। यह नया सिस्टम बहुभाषी और उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफेस से लैस होगा, जिसमें दिव्यांगजन, छात्र, रोगियों जैसे विशेष वर्गों के लिए भी सुविधाएं होंगी। यात्रियों को सीट चुनने, किराया कैलेंडर देखने जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।
तत्काल टिकट बुकिंग के लिए होगा सख्त सत्यापन
रेलवे ने तय किया है कि 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट केवल सत्यापित उपयोगकर्ताओं को ही बुक करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए आधार या डिजिलॉकर में उपलब्ध कोई अन्य वैध सरकारी पहचान पत्र अनिवार्य होगा। जुलाई 2025 के अंत तक यह प्रक्रिया OTP आधारित प्रमाणीकरण के साथ लागू होगी।
रेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तत्काल बुकिंग की सत्यापन प्रक्रिया को और व्यापक किया जाए जिससे सिस्टम अधिक नागरिक–अनुकूल हो।




