ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग बेहद खतरनाक मोड़ पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि सभी को तत्काल राजधानी तेहरान को खाली कर देना चाहिए। खास बात है कि इजरायल पहले ही नागरिक ठिकानों पर हमले की धमकी दे चुका है। ट्रंप ने यह भी कहा है कि ईरान को परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर कर लेने चाहिए थे।
ट्रंप ने ट्रुथ पर पोस्ट किया, ‘ईरान को उस डील पर साइन कर लेने चाहिए थे, जिसपर मैंने उनसे साइन करने के लिए कहा था। कितनी शर्म की बात है और मानव जीवन की बर्बादी है। सामान्य सी बात कही थी कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता। मैंने यह बात बार-बार कही थी। सभी को तत्काल तेहरान खाली कर देना चाहिए।’
कनाडा में सोमवार से शुरू हुए जी7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेता इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए प्रयासरत रहे। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों से तुरंत बातचीत शुरू करने की अपील की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘उन्हें बात करनी चाहिए, और तुरंत करनी चाहिए।’
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि सभी जी 7 देश मानते हैं कि इस संघर्ष को बढ़ने से रोकना जरूरी है, क्योंकि इससे गाजा की स्थिति और वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ट्रंप ने जी7 शिखर सम्मेलन की शुरुआत में सुझाव दिया कि रूस और शायद चीन को भी इस समूह में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जी7 को जी8 या जी9 बनाया जा सकता है।
ट्रंप ने 2014 में रूस को जी8 से हटाए जाने को ‘बहुत बड़ी गलती’ बताया। उन्होंने दावा किया, ‘अगर उस समय रूस को नहीं निकाला गया होता और मैं राष्ट्रपति होता, तो यह युद्ध (रूस यूक्रेन का युद्ध) नहीं होता।’
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि इजरायल के ईरान पर किए गए हमलों ने उसके परमाणु कार्यक्रम को ‘बहुत लंबे समय’ के लिए पीछे धकेल दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल का उद्देश्य ईरान की सरकार को गिराना नहीं है, लेकिन अगर हमलों के परिणामस्वरूप ऐसा होता है तो उन्हें हैरानी नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘शासन बहुत कमजोर है।’ नेतन्याहू ने यह भी कहा कि वह ट्रंप के साथ निरतंर संपर्क में हैं।
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