सचिन तेंदुलकर फांउडेशन की लड़कियां हेमंत और कल्पना से मिले, झारखंड में शिक्षा और खेल की ट्रेनिंग दे रहा है युवा इंडिया ट्रस्ट

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Live Dainik

April 10, 2025

yuva foundation trust

रांची: मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन एवं विधायक  कल्पना सोरेन से आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में युवा इंडिया ट्रस्ट की टीम ने मुलाकात कर रांची जिला के ओरमांझी में गरीब बच्चियों की शिक्षा, लाइफ स्किल वर्कशॉप्स और फुटबॉल प्रशिक्षण को लेकर चलाए जा रहे कार्यक्रमों से उन्हें कराया अवगत।

कल्पना सोरेन और हेमंत सोरेन से मुलाकात कर के लड़कियां बेहद खुश नजर आईं । सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और युवा इंडिया ट्रस्ट की टी शर्ट पहनी बच्चियों ने बेहद ही दिलचस्पी से अपनी कहानी मुख्यमंत्री को सुनाई । हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने इनके साथ तस्वीरें भी खींचवाई ।

युवा की स्थापना 2009 में अमेरिकी फ्रांज़ गैस्टलर ने की थी, जब वे दिल्ली में एक बिज़नेस कंसल्टेंट के रूप में काम करने के बाद झारखंड आए। यहाँ उन्होंने लड़कों और लड़कियों की ज़िंदगी में भारी असमानता देखी, और इसे चुनौती देने के लिए टीम स्पोर्ट्स और शिक्षा को ज़रिया बनाया। जो आज सैकड़ों लड़कियों तक पहुँच चुकी है।   300 से अधिक लड़कियाँ रोज़ ‘युवा’ की फुटबॉल टीमों में भाग लेती हैं, जिससे यह भारत के सबसे बड़े बालिका फुटबॉल कार्यक्रमों में से एक बन गया है। इनमें से 90% टीमों की कोच खुद युवा महिलाएं हैं। टीमें खेतों में, खाली ज़मीनों या किसी समतल स्थान पर अभ्यास करती हैं।

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2015 में रोज़ थॉमसन (अब रोज़ गैस्टलर) ने ‘युवा स्कूल’ की स्थापना की। यह स्कूल लड़कियों को सशक्त नागरिक बनने, अपनी पहचान खोजने और भारत या विदेश के विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने के लिए तैयार करता है। 6 से 18 साल की लड़कियाँ यहाँ इंग्लिश मीडियम में पढ़ती हैं और भारत व विदेश के श्रेष्ठ शिक्षकों से सीखती हैं।


यहाँ लड़कियों को वो सभी उपकरण, मार्गदर्शन और अवसर मिलते हैं जिनसे वे अपने जीवन पर स्वयं नियंत्रण पा सकें — चाहे स्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो। हम जीवन कौशल और नेतृत्व की शिक्षा देते हैं, और साथ ही उन्हें कोच व मेंटर बनकर स्कॉलरशिप, सम्मान और आय अर्जित करने का मौका भी मिलता है।  ‘युवा’ की 30 से ज़्यादा लड़कियाँ भारत और दुनिया भर में विश्वविद्यालयों, TEDx और अन्य कार्यक्रमों में बोल चुकी हैं।
युवा की लड़कियाँ अब पूरे भारत में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दूसरी लड़कियों को उनकी खुद की अहमियत पहचानने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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