रांचीः झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यालय में कल्पना सोरेन पहले भी पहुंची होंगी, मगर हेमंत सोरेन के साथ, पहली बार ऐसा है वो अकेले पहुंची और कमान संभाल ली । कार्यकर्ताओं में कल्पना के सामने जोश अलग ही नजर आया । कार्यकर्तआओं के इस कार्यक्रम में कल्पना सोरेन एक मंझी हुई नेता के तौर पर अपनी पार्टी की भविष्य को मजबूत करती हुई दिखी । उन्होंने आने वाली २१ अप्रैल को रांची में होने वाली रैली को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह तो बढ़ाया ही साथ ही चुनाव की तैयारियों का जायजा भी लिया ।
जेएमएम के केन्द्रीय कार्यालय में धनबाद, रांची, चतरा, गुमला, लातेहार, सरायकेला- खरसावां, खूंटी, सिमडेगा और लोहरदगा जिला के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में बीजेपी की तानाशाह नीतियों के खिलाफ़ आगामी 21 अप्रैल को रांची मे आयोजित उलगुलान न्याय महारैली को कामयाब बनाने के लिए निर्देश दिए गए । कल्पना सोरेन ने कार्यकर्तओं के साथ जिस तरह के भावनात्मक संबंध बनाती हुई नजर आई उससे यह साफ दिखने लगा है कि जेएमएम को हेमंत सोरेन के जेल में होने की कमी कल्पना सोरेन के तौर पर पूरी होती हुई दिख रही है ।
कल्पना सोरने ने पूर्व मंत्री और झारखंड के कद्दावर नेता स्वर्गीय जगरनाथ महतो की श्रद्घांजलि सभा में भी खतियानी और आरक्षण का मुद्दा उठाया । उन्होंने कहा कि
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा परिवार के मजबूत स्तंभ थे जगरनाथ चाचाजी,1932 खतियान और पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण के लिए संघर्ष और माननीय विधानसभा से विधेयकों को पारित कराने वाली झारखण्डी सरकार के अभिन्न अंग थे जगरनाथ चाचाजी,झारखण्डी अस्मिता की रक्षा को सदैव प्रतिबद्ध थे जगरनाथ चाचाजी हेमन्त जी भी कहते हैं टाइगर जगरनाथ महतो जी हमेशा झारखण्ड और झारखण्डियों के लिए जिये, अपनी परवाह किये बगैर वह लोगों की सेवा करते रहे। कोरोना काल में जनता की सेवा करते हुए टाइगर जगरनाथ महतो जी भले ही हमसे दूर हो गए मगर उनके आदर्श हमें हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भी हिस्सा लिया और जगरनाथ महतो को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी । कल्पना सोरेन ने इस कार्यक्रम में यह इशारा भी कर दिया कि जगरनाथ महतो के बेटे को आने वाले दिनों में विरासत मिलेगी ।




