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झारखंड निकाय चुनाव में पिछड़ों के लिए मांगा 42% आरक्षण, कांग्रेस राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में उठा मुद्दा

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रांचीः झारखंड में नगर निकाय चुनाव होने वाली है। इसको लेकर हाई कोर्ट ने सरकार को कई बार निर्देश दिया है। इस बीच चुनाव में आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने बड़ा मुद्दा उठाया है। पार्टी ने राज्य में पिछड़ों के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण की मांग की है।

बुधवार को पटना के सदाकत आश्रम में आयोजित कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में झारखंड कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने राजनीतिक प्रस्ताव के माध्यम से सुझाव दिया कि तेलंगाना की तर्ज पर झारखंड में भी पिछड़ों के लिए 42% आरक्षण लागू किया जाए।

प्रदीप यादव ने कहा कि तेलंगाना में 42% आरक्षण लागू करने से पहले रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई थी, जिसे हाई कोर्ट ने भी सही ठहराया झारखंड में भी ऐसी व्यवस्था के लिए सर्वे जरूरी है ताकि आबादी के अनुपात में सभी वर्गों को उचित हिस्सेदारी मिले। उन्होंने पार्टी से आग्रह किया कि आरक्षण के मुद्दे को आंदोलन का हिस्सा बनाया जाए, जिससे जनता के बीच पार्टी की स्वीकार्यता बढ़े।

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प्रदीप यादव ने युवाओं के मुद्दों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नौजवान कांग्रेस से जुड़ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं, खासकर रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना जरूरी है। आउटसोर्सिंग और अनुबंध आधारित नौकरियों से युवाओं का शोषण हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि कांग्रेस शासित राज्यों में ऐसी नीतियों को बंद किया जाए।

स्थानीय मुद्दों पर ध्यान देकर पार्टी को मजबूत करने की जरूरत है, क्योंकि छोटी पार्टियां स्थानीय मुद्दों को उठाकर जनता में साख बना रही हैं। प्रदीप यादव ने आदिवासियों और गरीबों के विस्थापन को भी प्रमुख समस्या बताया। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानूनों का पालन नहीं हो रहा और प्रभावितों को उचित मुआवजा नहीं मिलता। जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां इन नियमों को कड़ाई से लागू करने और जहां सरकार नहीं है, वहां आंदोलन तेज करने की जरूरत है।

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