रांचीः 27वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शुरू हुई। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन किया। इस बैठक में बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और वित्त मंत्री विजय चौधरी शामिल हुए है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी इस बैठक में हिस्सा लिया। पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी के प्रतिनिधि के रूप में चंद्रिमा भट्टाचार्य शामिल हुई। झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर के साथ चारों राज्यों के उच्च अधिकारी इस बैठक में शामिल हुए।इस बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य से जुड़े कई मुद्दों को उठाया।

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बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “मोदी सरकार में क्षेत्रीय परिषदें अब Forum of Discussion की जगह Engine of Cooperation बन गई हैं। आज राँची (झारखंड) में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में वर्षों पुराने अहम मुद्दों का समाधान हुआ। बैठक में बिहार विभाजन के समय से लंबित अनेक मुद्दों, 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद की समूल समाप्ति और ड्रग्स तस्करी पर रोकथाम जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मोदी सरकार में क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों की संख्या में दोगुनी से भी अधिक वृद्धि हुई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और अब तक इन बैठकों में रिकॉर्ड 83% मुद्दों का समाधान इनकी सार्थकता को दर्शाता है।,”

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27वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “बिहार के हित में आदरणीय गृह मंत्री ने स्पष्ट तौर पर इंद्रपुरी जलाशय के विवाद को सुलझाने का काम किया। किशन गंज में हमें जो महानंदा से पानी लेना है उसके लिए हमारे समझौते हुए और एक कमेटी बनाई गई जिसमें बिहार और झारखंड के बंटवारे में जो बचा हुआ है उसे निष्पादित किया जाएगा।”ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 27वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर कहा, “आज रांची में हमारी पूर्व क्षेत्रीय परिषद की 36वी बैठक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई। बैठक बहुत अच्छी रही… लोगों को नौकरियां मिले, महिलाएं सशक्त हों, गरीबों का कल्याण हो और उनकी बुनियादी जरूरत पूरी हो, इन सभी मुद्दों पर आज चर्चा हुई… बैठक में इसी आधार पर काम करने के लिए हमें बहुत प्रेरणा मिली…”
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जो महत्वपूर्ण मुद्दे उठाये वो इस प्रकार है।
पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
▪आदिवासी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने का सुझाव।
▪MSME के माध्यम से रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती की बात।
▪मंईयां सम्मान योजना के तहत 18-50 वर्ष की महिलाओं को ₹2500 मासिक सहायता देने की योजना का जिक्र।
खनन और राजस्व संबंधी मांगें
▪कोल कंपनियों से ₹1.40 लाख करोड़ की बकाया राशि की शीघ्र वसूली।
▪DMFT नीति में संशोधन और PSU में स्थानीयों को प्राथमिकता देने की मांग।
▪बंद पड़ी खदानों के सुरक्षित बंदीकरण (Mines Closure) पर जोर।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
▪ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए केंद्र से सहयोग की अपील।
▪RIMS-2 और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में केंद्र सरकार से भागीदारी की उम्मीद।
▪SC/ST/OBC छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं में विस्तार और केंद्र की सहायता की मांग।
कनेक्टिविटी और अधोसंरचना विकास पर फोकस
▪साहेबगंज-रांची एक्सप्रेसवे और रांची मेट्रो परियोजना का प्रस्ताव।
▪रेलवे नेटवर्क विस्तार और लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने की अपील।
▪रामरेखा धाम को रामायण सर्किट और बौद्ध स्थलों को बौद्ध सर्किट से जोड़ने की मांग।
गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सहायता योजनाएं
▪प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा की मजदूरी दरें महंगाई के अनुरूप बढ़ाने का अनुरोध।
▪पेंशन योजनाओं में केंद्र का अंशदान ₹1000 मासिक करने की अपील।
▪गरीब परिवारों के लिए 15 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने की योजना।
पर्यावरण और जल प्रबंधन
▪दामोदर नदी को नमामि गंगे योजना में शामिल करने की मांग।
▪सिंचाई परियोजनाओं के लिए केंद्र से साझेदारी की अपेक्षा।
संविधानिक अधिकार और संघीय ढांचे पर चिंता
▪CBA एक्ट में संशोधन का विरोध और खनन के बाद भूमि का नियंत्रण राज्य को देने की अपील।
▪COMFED, होटल अशोक और अन्य संपत्तियों के बंटवारे पर नीति निर्धारण की जरूरत बताई।












