रांचीः झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों द्वारा चलाये जा रहे बड़े अभियान का असर व्यापक पैमाने पर दिख रहा है। गुरुवार को पश्चिम सिंहभूम अंतर्गत कोल्हान एवं सारंडा क्षेत्र में सक्रिय प्रतिबंधित माओवादी संगठन के 10 सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया है। झारखंड पुलिस, कोबरा, सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर एवं अन्य केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बलों के द्वारा नक्सली संगठनों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में नक्सली मुख्य धारा में लौट रहे है।
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गुरुवार को झारखंड सरकार के प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता, सीआरपीएफ झारखंड जगुआर के वरीय पदाधिकारियों के सामने भाकपा माओवादी संगठन के 10 सदस्यों ने आत्मसर्पण किया। आत्मसर्पण करने वाले सदस्यों में एरिया कमांडर रांदो बोइपाई उर्फ क्रांति बोईपाई समेत दस्ता के 10 सदस्यों ने सरेंडर किया है। पश्चिम सिहंभूम जिले में 2022 से अब तक कुल 9631 अभियान संचालित किये गये है, जिसके फलस्वरूप पिछले तीन वर्षो में कुल 175 नक्सलियों को गिरफ्तरी किया गया और 10 नक्सली मुठभेड़ में मारे गये है।
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उल्लेखनीय है कि पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत कोल्हान एवं सारंडा के क्षेत्र में पिछले कई वर्षो से प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के इस्टर्न रिजनल ब्यूरो का संचालन केंद्रीय समिति सदस्य मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी उर्फ अनल, असीम मंडल, सुशांत उर्फ अनमोल, मेहनत उर्फ मोछू, अजय महतो उर्फ बुधराम, पिन्टू लोहरा, अश्विन, अमित मुंडा, सालुका कायम एवं सागेन अंगरिया के नेतृत्व में किया जा रहा है। इनके विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु झारखंड पुलिस, झारखंड जगुआर, कोबरा एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त बलों का अभियान दल गठित कर लगातार अभियान संचालित किया जा रहा है।






