धनबादः नगर निकाय चुनाव से शुरू हुआ धनबाद के वर्तमान मेयर व पूर्व बीजेपी विधायक संजीव सिंह और धनबाद से बीजेपी सांसद ढुलू महतो के बीच तल्खी अब और बढ़ गई है। धनबाद लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने के विवाद ने धनबाद की सियासत को एक बार फिर से गरम कर दिया है। निकाय चुनाव खत्म होने के बाद भी सार्वजनिक मंचों पर ये तनाव देखा जा रहा है। एक दूसरे को पटखनी देने के कोई मौके नहीं छोड़े जा रहे है। निकाय चुनाव में ढुलू महतो ने जमकर संजीव सिंह पर निशाना साधा था वहीं संजीव सिंह ने मेयर चुनाव में बड़ी जीत दर्ज कर अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया। दोनों नेताओं के बीच आपसी खींचतान का नया उदाहरण ट्रेन को हरी झंडी दिखाने को लेकर शुरू हुआ है जिसमें संजीव सिंह को पहले न्योता भेजा गया फिर दवाब में नाम हटा दिया गया। दोनों नेताओं के बीच शाह और मात का खेल अब भी जारी है।
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अब दोनों नेताओं के बीच विवाद का ताजा उदाहरण सोमवार की रात धनबाद लोकमान्य तिलक ट्रेन के उद्घाटन समारोह में दिखा। रेलवे ने पहले मेयर संजीव सिंह को विधिवत पत्र भेजकर कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। कार्यक्रम के मुताबिक सांसद ढुलू महतो को विधायक राज सिन्हा व रागिनी सिंह और मेयर संजीव सिंह की मौजूदगी में ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी। हालांकि कार्यक्रम शुरू होने से महज डेढ़ घंटे पहले घटनाक्रम में अचानक नया मोड़ ले लिया। धनबाद मंडल की तरफ से रात करीब 9.30 बजे दूसरा पत्र लिख मेयर को कहा गया कि आपको दिया आमंत्रण रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुरूप नहीं है। स्टेशन पर लगे बैनर को भी आनन-फानन में बदल विधायक रागिनी सिंह और उनके पति धनबाद मेयर संजीव सिंह का नाम हटा दिया गया।

इसके बाद सांसद ढुलू महतो धनबाद स्टेशन पहुंचे। प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर सांसद ने ट्रेन के इंजन पर चढ़कर हरी झंडी दिखाई। उसके बाद ट्रेन रवाना हुई। हालांकि बैनर पर विधायक राज सिन्हा का नाम था, पर वे कार्यक्रम में नहीं दिखे। वहीं रेलवे की मनाही के बाद संजीव सिंह नहीं पहुंचे। बैनर पर नाम हटने पर झरिया विधायक रागिनी सिंह भी नहीं पहुंची। इस प्रकरण में मेयर ने सांसद का नाम लिए बगैर कहा-एक खास व्यक्ति का बीपी कंट्रोल करने के लिए रेलवे ने मुझे कार्यक्रम में शामिल होने से रोका।
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डीआरएम के लेटरपैड से संजीव सिंह को आमंत्रण
डीआरएम ने खुद 3 अप्रैल को अपने लेटरपैड से मेयर को आमंत्रण भेजा था। बैनर भी बन गया, जिसमें संजीव सिंह व उनकी विधायक पत्नी रागिनी सिंह का भी नाम था। बैनर बकायदा स्टेशन के कार्यक्रम स्थल पर लगा भी दिया गया था।

एसीएम ने लिखा– कार्यक्रम से ऐन पूर्व एसीएम-2 सुनील कुमार के हस्ताक्षर से मेयर को एक पत्र भेजा गया, जिसमें प्रोटाकॉल का हवाला देकर कार्यक्रम में नहीं आने को कहा गया। फिर नया बैनर बना, जिसमें संजीव सिंह और रागिनी सिंह का नाम गायब था।

रेलवे ने कहा-प्रोटोकॉल में मेयर को बुलाने का प्रावधान है ही नहीं
डीआरएम अखिलेश मिश्र ने कहा कि रेलवे बोर्ड के निर्देशों के तहत प्रोटोकॅाल का पालन किया गया। इसके तहत स्थानीय सांसद व विधायक को आमंत्रित किया गया, पर मेयर को आमंत्रण पत्र देने और फिर उन्हें दूसरा पत्र लिख मना करने के संबंध में रेलवे अधिकारियों ने चुप्पी साध नी।
संजीव सिंह ने कहा- उस खास व्यक्ति का ब्लड प्रेशर अब कंट्रोल से बाहर हो रहा
मेयर संजीव सिंह ने कहा कि चार दिन पहले मुझे कार्यकम में शामिल होने के लिए डीआरएम ने आमंत्रण दिया था। इससे एक खास व्यक्ति का बीपी अचानक बढ़ गया। उनका बीपी नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने मुझे समारोह में शामिल होने से रोक दिया। मैं तो पहले से ही उस खास व्यक्ति को बीपी का इलाज कराने के लिए कह रहा हूं, पर मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया। इसलिए बीपी कंट्रोल होने के बजाय बढ़ता जा रहा है।


