रांची: नगड़ी अंचल अधिकारी राजेश कुमार पर म्यूटेशन के लिए 30 लाख रुपये तक घूस मांगने का गंभीर आरोप लगा है।उपायुक्त के जनता दरबार में सोमवार को नगड़ी अंचल के अंचल अधिकारी (CO) राजेश कुमार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। म्यूटेशन के एक मामले में आवेदक से पहले 30 लाख रुपये और बाद में घटाकर 9 लाख रुपये तक घूस मांगने का आरोप लगाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए DC मंजूनाथ भजन्त्री ने CO, संबंधित CI और कर्मचारी को शोकाज जारी करते हुए 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
म्यूटेशन मामले में रिश्वत का आरोप
प्रार्थी आनंद सिंह और महेश्वर सिंह ने जनता दरबार में शिकायत करते हुए बताया कि बालालौंग मौजा स्थित 1 एकड़ 5 डिसमिल जमीन के म्यूटेशन (केस नंबर 7696/24-25) को पहले सीओ द्वारा खारिज कर दिया गया। इसके एवज में 30 लाख रुपये की मांग की गई।आवेदक ने इसके बाद एलआरडीसी कोर्ट में अपील की, जहां से उनके पक्ष में म्यूटेशन का आदेश दिया गया। आरोप है कि इसके बाद भी सीओ ने लगभग 15 लाख रुपये की मांग की। मामला एडिशनल कलेक्टर तक पहुंचा, जहां से भी म्यूटेशन के पक्ष में आदेश हुआ, लेकिन यहां भी 9 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप है। अंततः परेशान होकर आवेदक उपायुक्त के जनता दरबार पहुंचे।
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DC ने लगाई फटकार, मांगा जवाब
जनता दरबार में ही उपायुक्त ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीओ को फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह के मामलों से प्रशासन की छवि खराब होती है। पूरे प्रकरण में सीओ, सीआई और संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।हालांकि, नगड़ी सीओ राजेश कुमार ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि जमीन सीएनटी एक्ट के अंतर्गत आती है और नियमानुसार म्यूटेशन आवेदन खारिज किया गया है। मामला पुनरीक्षण के लिए उपायुक्त के पास भेजा गया है।


