लोहरदगा : सामाजिक कार्यकर्ता सूरज अग्रवाल ने हिंडाल्को कंपनी पर खनन गतिविधियों के नाम पर स्थानीय लोगों के शोषण और क्षेत्रीय संसाधनों के दोहन का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लोहरदगा प्रखंड के हेसल गांव के समीप संचालित बॉक्साइट क्रशिंग प्लांट से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में बॉक्साइट दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों को इसके अनुपात में सुविधाएं और लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।

सड़क जाम और धूल से बढ़ रही परेशानी
सूरज अग्रवाल ने कहा कि बॉक्साइट परिवहन के कारण कई किलोमीटर तक सड़क जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। भारी वाहनों के लगातार परिचालन से सड़कों की स्थिति खराब होती जा रही है, जिससे आम लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की गतिविधियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में धूल और प्रदूषण की समस्या भी बढ़ी है।
विकास कार्यों को बताया अपर्याप्त
अग्रवाल ने कहा कि कंपनी द्वारा सामाजिक दायित्व के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन, बीज वितरण और अन्य कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं, लेकिन ये क्षेत्र की मूल समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उनका कहना है कि स्थानीय जनता को बेहतर सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है।
प्रदूषण नियंत्रण के दावों पर उठाए सवाल
सूरज अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। सड़कों पर पानी का छिड़काव पर्याप्त नहीं होने के कारण धूल की समस्या बनी रहती है। उन्होंने मांग की कि प्रदूषण नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं स्थायी उपाय किए जाएं।
जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग
सूरज अग्रवाल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को स्थानीय लोगों की समस्याओं को गंभीरता से उठाना चाहिए और कंपनी प्रबंधन से जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से संबंधित सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए तथा स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए हिंडाल्को कंपनी, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।


