रांचीः गैंगस्टर सुजीत सिन्हा रविवार रात साहिबगंज से धनबाद शिफ्ट करने के दौरान पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। उसकी मौत के बाद अब उसकी पत्नी रिया सिन्हा की मां ने एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए है। सुजीत की सास उषा देवी ने दावा किया कि यह मुठभेड़ फर्जी है और उनके दामाद की हत्या पुलिस ने सुनियोजित तरीके से की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अपने 12 वर्षीय नाती को न्याय दिलाने की मांग की।
उषा देवी ने बताया कि रविवार की रात करीब 11 बजे एक परिचित ने वाट्स-एप काल कर उन्हें सुजीत के एनकाउंटर की सूचना दी। यह खबर सुनते ही पूरा परिवार सदमे में आ गया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति खुद जेल से बाहर निकलना नहीं चाहता था, वह आखिर पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश क्यों करेगा?
सुजीत ने एनकाऊंटर की जताई थी आशंका
उनका आरोप है कि सुजीत को पहले से अपनी जान का खतरा था। करीब चार माह पहले उसने अपने अधिवक्ताओं से भी कहा था कि पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है। इसी आशंका को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका भी दायर की गई थी।उनका दावा है कि बार-बार जेल शिफ्ट किए जाने की आशंका को लेकर पहले ही हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।याचिका में यह आशंका जताई गई थी कि लगातार जेल स्थानांतरण का उद्देश्य सुजीत सिन्हा का एनकाउंटर करना हो सकता है।उषा देवी ने आरोप लगाया कि हाई कोर्ट में याचिका लंबित रहने के बावजूद पुलिस ने मिलीभगत से फर्जी मुठभेड़ कर सुजीत सिन्हा की हत्या कर दी।उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जंगल में पड़ा रहा आठ घंटे तक शव
उनके अनुसार, सुजीत के हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी और उसकी मौत के बाद करीब आठ घंटे तक शव को जंगल में पड़ा रहने दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पूरे मामले में कई सवालों के जवाब नहीं दिए हैं।उन्होंने अपने परिवार की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी बेटी रिया सिन्हा पहले से चाईबासा जेल में बंद है। वहीं, सुजीत का 12 वर्षीय बेटा अक्षत सिन्हा आठ दिन पहले ही हास्टल से घर आया था। वह कक्षा छह का छात्र है।
पिता की माैत की सूचना के बाद बेटे की तबीयत खराब
पिता की मौत की खबर मिलने के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई है। उषा देवी ने भावुक होते हुए कहा कि पुलिस-प्रशासन ने मेरे नाती को अनाथ बना दिया। उसकी मां जेल में है और अब उसके पिता भी नहीं रहे। उसे इंसाफ मिलना चाहिए।
सुजीत की पत्नी की जान भी खतरे में
उन्होंने यह आशंका भी जताई कि जिस तरह सुजीत की मौत हुई, उसी तरह उनकी बेटी की सुरक्षा भी खतरे में है। उन्होंने प्रशासन से रिया सिन्हा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की न्यायिक या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की।






