रांचीः झारखंड में जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सियासत गर्म है। एक ओर सीआईडी की टीम इस मामले में कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां कर रही है, दूसरी ओर इस मामले में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखी है। मरांडी ने अपने पत्र के माध्यम से जेपीएससी सदस्य जमाल अहमद को पद से हटाने और उनके आय से अधिक संपत्ति की जांच एसीबी से कराने की मांग की है। मरांडी ने कहा कि जमाल अहमद ने अपने पद का फायदा उठाकर विशाल साम्राज्य खड़ा कर लिया है। रांची में उनके पास 3000-4000 वर्गफुट का आलीशान फ्लैट है और वे एक और फ्लैट की तलाश में हैं। इसके अलावा, हजारीबाग में भी उनके पास बड़े पैमाने पर बेनामी और अचल संपत्तियां होने की चर्चा है।
विवादित नियुक्ति और CBI जांच का हवाला
मरांडी ने आरोप लगाया कि जमाल अहमद पहले प्राथमिक शिक्षक थे और 2008 में लेक्चरर बने। उस नियुक्ति प्रक्रिया में हुई धांधली की जांच वर्तमान में सीबीआइ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के दबाव में नियमों को दरकिनार कर ऐसे विवादित व्यक्ति को जेपीएससी का सदस्य बनाया गया, जिससे युवाओं का संस्था पर से भरोसा उठ रहा है।
ACB जांच और तुरंत पदमुक्त करने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जमाल अहमद की संपत्ति, बैंक खातों और आय के स्रोतों की अविलंब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से जांच कराई जाए। साथ ही, निष्पक्ष जांच और आयोग की गरिमा बनाए रखने के लिए उन्हें तुरंत पदमुक्त किया जाए।
JPSC सदस्य जमाल अहमद ने अपने पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक चल-अचल संपत्तियां अर्जित की हैं। जमाल अहमद की 2008 की व्याख्याता नियुक्ति से जुड़ा मामला CBI जांच के दायरे में है। ऐसे में पहले से विवादों और जांच से जुड़े व्यक्ति की JPSC जैसे संवैधानिक संस्थान में नियुक्ति पर गंभीर सवाल… pic.twitter.com/T8iX183Xva
— Babulal Marandi (@yourBabulal) July 24, 2026


