खूंटी:अड़की प्रखंड के तोड़ांग पंचायत स्थित सावमरांगबेड़ा गांव में एक बार फिर बुनियादी सुविधाओं के अभाव की दर्दनाक तस्वीर सामने आई। प्रसव पीड़ा से तड़प रही सोमवारी देवी को अस्पताल पहुंचाने के लिए न सड़क थी, न वाहन। आखिरकार उनके पति मांगूछाता नाग और ग्रामीणों ने गर्भवती महिला को कंधों पर बैठाया और उफनती करकरी नदी को पार कर किसी तरह अड़की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
यह घटना केवल एक गर्भवती महिला की परेशानी नहीं, बल्कि उस बदहाल व्यवस्था की हकीकत है, जहां आज भी सड़क और पुल के अभाव में लोगों की जिंदगी दांव पर लगी रहती है। बरसात शुरू होते ही करकरी नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और सावमरांगबेड़ा समेत आसपास के कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से लगभग कट जाता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं, बीमारों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों के लिए हर यात्रा जानलेवा चुनौती बन जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि करकरी नदी पर पुल नहीं होने के कारण अस्पताल, प्रखंड मुख्यालय और बाजार तक पहुंचने के लिए हर बार जान जोखिम में डालनी पड़ती है। वहीं, लेबेद गांव के लोगों को केवल पुल के अभाव में करीब सात किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने वर्षों से पुल निर्माण की मांग दोहराते हुए कहा कि हर मानसून में यही हाल रहता है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।


