गढ़वा : जिला पुलिस को अवैध हथियार तस्करों और निर्माताओं के खिलाफ बरडीहा थाना क्षेत्र के लेवाटांड़ और घुघरी जंगल में छापेमारी कर पुलिस ने अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान पुलिस ने मौके से दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो बड़े पैमाने पर अवैध देसी कट्टा का निर्माण कर उसे खपाने की फिराक में थे। गिरफ्तार आरोपितों में बरडीहा निवासी संजय विश्वकर्मा और लेवाटांड़ निवासी चंदू उरांव शामिल हैं। इनमें संजय विश्वकर्मा पूर्व में भी आर्म्स एक्ट के मामले में जेल जा चुका है और वर्तमान में जमानत पर जेल से बाहर आकर दोबारा इसी अवैध धंधे में लिप्त हो गया है। इसकी जानकारी गढ़वा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलु लोहार ने पत्रकार वार्ता में दी। एसडीपीओ ने बताया कि एसपी आशुतोष शेखर को गुप्त सूचना मिली थी कि जेल से छूटा संजय विश्वकर्मा चंदु उरांव के माध्यम से अवैध रूप से देसी कट्टा का निर्माण करवा रहा है और उसे गढ़वा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बेचने की योजना बना रहा है। इस सूचना के बाद वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर तुरंत एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलु लोहार कर रहे थे, जिसमें बरडीहा थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह, पुअनि अनिल कुमार, सअनि संतोष कुमार और थाना का सशस्त्र बल शामिल था।
छापेमारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले लेवाटांड़ गांव में चंदु उरांव के घर पर दबिश दी। पुलिस को देखकर चंदु उरांव ने घर में छिपने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से एक निर्मित देसी कट्टा और विभो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद हुआ। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो उसने कबूल किया कि वह संजय विश्वकर्मा के इशारे पर घुघरी जंगल में अवैध हथियार बनाने का कारखाना चला रहा है। इसके बाद पुलिस टीम चंदु उरांव को साथ लेकर घुघरी जंगल में स्थित उसके ठिकाने पर पहुंची। चंदु उरांव की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से हथियार बनाने में प्रयुक्त होने वाली भारी मात्रा में सामग्री जब्त की। जब्त सामानों में गुना काटने वाला तीन लोहे का टेप, लोहे का गुना काटने वाला नीले रंग का मशीन, दो लोहे का हथौड़ा, गुना काटने वाला लोहे का एक टेप, 14 सेंटीमीटर लंबी लोहे की छेनी, बैरल बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाले 13 सेंटीमीटर, 15 सेंटीमीटर और 22.5 सेंटीमीटर के लोहे के पाइप शामिल हैं। इसके अलावा लोहे का रिंच, 35 सेंटीमीटर लंबी लोहे की पटिया, 20.5 सेंटीमीटर लंबी लोहे की चादर, ट्रिगर बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले लोहे के 10 पीस खांच, लोहा गरम करने वाला पंखी का हैंडल, लोहे का हेक्सा ब्लेड और एक उजले रंग के प्लास्टिक के डिब्बे में बारूद जैसा दिखने वाला काला पदार्थ बरामद किया गया।
जंगल में कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस टीम चंदु उरांव को साथ लेकर संजय विश्वकर्मा के घर पहुंची। संजय भी अपने घर में छिपा हुआ था, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। संजय विश्वकर्मा की तलाशी लेने पर उसके पास से भी एक देसी कट्टा और लावा कंपनी का मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर बरडीहा थाना लाया, जहां उनके खिलाफ बरडीहा थाना कांड संख्या 41/2026, दिनांक 04 जुलाई 2026 के तहत आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं और आर्म्स अमेंडमेंट एक्ट 2019 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इन्होंने अब तक किन-किन लोगों को हथियार सप्लाई किए हैं।


