रांचीः खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड एक ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा। उन्होंने कहा कि खनिज और जमीन झारखंड का तो हमारे हक का फैसला दिल्ली क्यों करेगा।

झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा....
खनिज झारखंड का, जमीन झारखंड की—तो हमारे हक-अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?
लोकसभा और राज्यसभा - दोनों सदनों में जल्दबाजी में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पास करा केंद्र सरकार ने झारखंड के हाथ-पैरों… pic.twitter.com/s3VzpacCbN
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 13, 2026
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बिल पास होने के बाद इसको विरोध करते हुए कहा कि झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा....
खनिज झारखंड का, जमीन झारखंड की—तो हमारे हक-अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?
लोकसभा और राज्यसभा - दोनों सदनों में जल्दबाजी में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पास करा केंद्र सरकार ने झारखंड के हाथ-पैरों को काटने का काम किया है।
यह काला बिल झारखंड और झारखंडियों के साथ अन्याय है, उनके विकास और भविष्य पर बहुत बड़ा कुठाराघात है। झारखंड यह सौतेला व्यवहार नहीं सहेगा।
झारखंड में करोड़ों लोगों के सामाजिक सुरक्षा जैसे मईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदि योजनाएं बंद होने के कगार पर आ जाएगी।
झारखंड मुक्ति मोर्चा इसका पुरजोर विरोध करता है। अगर केंद्र सरकार ने यह काला बिल वापस नहीं लिया तो झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा।
प्रत्येक जिला, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक शहर में इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। अगर केंद्र सरकार नहीं चेती, और झारखंड तथा झारखंडियों को उसका हक-अधिकार वापस नहीं किया गया तो झारखंड निर्णायक और ऐतिहासिक निर्णयों को लेने से पीछे भी नहीं हटेगा।
मुख्य प्रावधान और प्रभावराज्यों के करधिकार पर रोक: राज्य सरकारें अब खनिज अधिकारों या खनिज-युक्त भूमि पर केंद्र सरकार की अनुमति बिना स्वतंत्र रूप से अतिरिक्त कर, उपकर (सेस) या अन्य शुल्क नहीं लगा सकेंगी।पुराने बकाए अमान्य: अधिनियम के लागू होने से पहले राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए ऐसे सभी अप्रत्याशित या /सेस अमान्य माने जाएंगे, हालांकि जो राशि पहले ही वसूली जा चुकी है, उसे वापस नहीं किया जाएगा।लीज़ धारकों को छूट: खदान पट्टाधारक मौजूदा लीज़ में बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट, सोना और चांदी जैसे कई अन्य खनिजों को भी जोड़ सकेंगे।उद्देश्य: इस संशोधन का मुख्य लक्ष्य खनिज क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता, निश्चितता लाना और देश में महत्वपूर्ण खनिजों की मांग को पूरा करना है।







