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हजारीबाग में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर विधायक का बेटा और पूर्व मंत्री आमने-सामने, समर्थकों के बीच हुई जमकर मारपीट

हजारीबाग में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर विधायक का बेटा और पूर्व मंत्री में आमने-सामने, समर्थकों के बीच हुई जमकर मारपीट

हजारीबाग: जिले के बरही में राजनीतिक वर्चस्व को लेकर पूर्व मंत्री और विधायक के बेटे आमने-सामने हो गए। बरही के चौपारण में दोनों के समर्थकों के बीच झड़प और मारपीट हुई। इस दौरान पूरा इलाका रणक्षेत्र में बदल गया। दोनों के समर्थक लाठी-डंडे के साथ सड़क पर उतर आये और एक दूसरे के खिलाफ खूब गाली-गलौच की।

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बरही से कांग्रेस के विधायक उमाशंकर अकेला के बेटे रवि यादव और बिहार सरकार में मंत्री रहे मनोज यादव के बीच झड़प हुई। सोमवार को पुलिस ने मारपीट के मामले में दोनों के समर्थकों को हिरासत में लिया था, इसके बाद दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया। इसके बाद मनोज यादव ने विधायक उमाशंकर अकेला का पुतला दहन कर दिया। इस घटना के बाद विवाद और आगे बढ़ गया मामला हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गई।

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मनोज यादव ने आरोप लगाया कि विधायक के बेटे रवि यादव ने बीजेपी ऑफिस पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और धमकी दी। राज्य सरकार ने आत्मरक्षा के लिए जो हथियार दिया है उसका प्रदर्शन करके बरही में भय का वातावरण बना रहे है। सरकार के संरक्षण में विधायक और उनका बेटा गैर कानूनी काम कर रहा है।

वही दूसरी ओर विधायक उमाशंकर अकेला के बेटे रवि यादव ने आरोप लगाया है कि मनोज यादव के समर्थकों ने एक मामले में हमारे समर्थकों के साथ मारपीट की, जिसके बाद हमारे समर्थक रोड़ पर उतर आए। हमारे दो आदमी को थाने में उठाकर लाया गया था, मनोज यादव भी थाने पहुंचे थे और हमारे लोगों को जेल भेजने की धमकी दी थी। इसके साथ ही हमारा पुतला भी फूंका और जब हमारे कार्यकर्ता पुतला फूंकने लगे तो हमारे कार्यकर्ता को लाठी से मारकर सर फोड़ दिया।

दोनों के बीच हुई झड़प को लेकर बरही एसडीपीओ सुरजीत कुमार ने कहा कि वरीय अधिकारी को मामले की जानकारी दी जा चुकी है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.दोनों पक्षों के लोगों को समझाने का काम किया जा रहा है।बताते चलें कि बरही में वर्चस्व की लड़ाई कोई नई बात नहीं है. पहली बार वर्चस्व की लड़ाई में दोनों नेता के समर्थक आमने-सामने हैं। प्रशासन के ऊपर दबाव है कि दोनों पर कार्रवाई की जाए।

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