रांचीः ईचागढ़ से आजसू के पूर्व उम्मीदवार हरेलाल महतो रविवार को बीजेपी में शामिल हो गये। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रति पक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की मौजूदगी में हरेलाल महतो ने बीजेपी की सदस्यता ली। हरेलाल महतो को कोल्हान इलाके का एक बड़ा कुड़मी नेता माना जाता है। हरेलील के बीजेपी में शामिल होने के पीछे बीजेपी की कुड़मी राजनीति मानी जाती है। बीजेपी 2029 में होने वाले चुनाव से पहले कुड़मी वोटरों को अपने पक्ष में लामबंद करना चाह रही है।
झारखंड में सुदेश महतो और जयराम महतो कुड़मी जाति के बड़े नेता माने जाते है। पिछले महीने पश्चिम बंगाल के पुरूलिया में बीजेपी ने कुड़मी महासम्मेलन का आयोजन कर झारखंड की राजनीति को साधने की कोशिश की थी। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और आजसू प्रमुख सुदेश महतो शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम के कुछ दिनों बाद ही हरेलाल महतो ने आजसू पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उनके पार्टी छोड़ने के बाद से ही उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा हो रही थी, आखिरकार रविवार को सुदेश के करीबी नेता हरेलाल महतो बीजेपी में शामिल हो गये।


जिस समय हरेलाल महतो बीजेपी में शामिल हो रहे थे उसी समय गिरिडीह के पीरटांड में सुदेश महतो युवा संवाद कर रहे थे। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में महिलाएं और युवा शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम को गिरिडीह में होने वाले उप चुनाव में आजसू की दावेदारी से भी जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात हरेलाल महतो के बीजेपी ज्वाइन करने के सवाल पर सुदेश महतो ने कहा कि किसी के व्यक्ति के आने जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन वो कहा गये है ये जरूर देखा जाएगा। 25 साल के दोस्तो और संबंध का स्वरूप ये होगा तो ये उनसे पूछा जाएगा कि दोस्ती और संबंध किसे कहा जाता है। सुदेश के इस बयान को बीजेपी को खुले मंच से चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
हरेलाल दो बार ईचागढ़ से रह चुके हैं आजसू उम्मीदवार
हरेलाल महतो ने ईचागढ़ विधानसभा सीट से 2019 और 2024 के चुनाव में आजसू पार्टी के टिकट पर अपनी किस्मत आजमाई थी। वर्ष 2019 में झामुमो की सबिता महतो 57,546 वोट हासिल कर विजयी हुई थीं, जबकि हरेलाल महतो को 38,836 वोट मिले थे।भाजपा के प्रत्याशी साधु चरण महतो 38,485 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे।वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में भी हरेलाल महतो को जीत नहीं मिली। इस बार भी झामुमो की सबिता महतो ने उन्हें 26,523 वोटों के अंतर से पराजित किया।लगातार दो विधानसभा चुनावों में दूसरे स्थान पर रहने के बाद अब हरेलाल महतो ने भाजपा का दामन थाम लिया है।





