धनबाद : झरिया स्थित लोदना इलाके में बीसीसीएल की बरारी छह नंबर बस्ती में गुरुवार को तेज आवाज के साथ अचानक जमीन धंस गई। जमीन धंसने के बाद बस्ती के एक हिस्से में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं। कुछ ही देर में इन दरारों से जहरीला धुआं निकलने लगा और बाद में आग की लपटें भी दिखाई देने लगीं।


अचानक जमीन धंसने और धुआं-आग निकलने की घटना से आसपास के लोगों में डर फैल गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को आशंका है कि जमीन के नीचे आग और जहरीली गैस का खतरा बढ़ सकता है।स्थानीय लोगों के मुताबिक, अगर धंसाव का दायरा बढ़ा तो सड़क भी इसकी चपेट में आ सकती है। ऐसे में इस रास्ते से वाहनों और लोगों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ-साथ हादसे का खतरा भी बढ़ सकता है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन के नीचे आग और धंसाव की स्थिति को देखते हुए प्रभावित इलाके को तत्काल सुरक्षित किया जाना जरूरी है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो धंसाव का दायरा बढ़ सकता है, जिससे बस्ती के साथ-साथ सड़क से गुजरने वाले लोगों और वाहनों पर भी खतरा मंडरा सकता है।

अवैध खनन और सुरंगों को बताया धंसान की वजह
लोगों ने जमीन धंसने की घटना के लिए अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी के लिए बनाई गई सुरंगों को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से जमीन के नीचे से कोयला निकालने के कारण वहां खाली जगह बन गई होगी, जिससे जमीन कमजोर होकर धंस गई।उन्होंने बीसीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमीन के नीचे की स्थिति की जांच कराने की मांग की। हालांकि, जमीन धंसने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
बीसीसीएल टीम पहुंची, मिट्टी भरने का दिया भरोसा
घटना की सूचना मिलने के बाद बीसीसीएल की टीम मौके पर पहुंची और धंसे हुए इलाके का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने का भरोसा दिया और प्रभावित हिस्से में मिट्टी भरने की बात कही। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल मिट्टी भरने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
उनका कहना है कि पहले जमीन के नीचे लगी आग, जहरीली गैस और बनी हुई खाली जगह की स्थिति की जांच जरूरी है। लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन से प्रभावित क्षेत्र की तत्काल निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और जमीन के नीचे की स्थिति की जांच कराने की मांग की है।





