पश्चिम चंपारण:वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज पर जल प्रवाह का सिलसिला लगतार जारी है। जल संसाधन विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, गंडक नदी से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में रात से सुबह तक लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। बैराज से पानी के डिस्चार्ज में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, हालांकि 97,500 क्यूसेक का बहाव सामान्य स्तर पर माना जा रहा है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों और जलग्रहण इलाकों में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण नदी के जलस्तर और जलप्रवाह में यह स्थिरता और बदलाव देखने को मिल रहा है।
28 अगस्त की रात 9:00 बजे बराज से 95,200 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया था, जिसमें अपस्ट्रीम (U/S) का जलस्तर 353.20 फीट और डाउनस्ट्रीम (D/S) का जलस्तर 350.40 फीट था। इसके बाद रात 10:00 बजे जल निकासी में थोड़ी गिरावट आई और डिस्चार्ज घटकर 92,900 क्यूसेक रह गया। इस दौरान अपस्ट्रीम जलस्तर 353.20 फीट पर स्थिर रहा, जबकि डाउनस्ट्रीम स्तर मामूली रूप से घटकर 350.30 फीट पर आ गया।
4:00 बजे पानी का बहाव और कम हुआ
29 अगस्त की तड़के 4:00 बजे पानी का बहाव और कम होकर 90,600 क्यूसेक के स्तर पर पहुंच गया। इस समय अपस्ट्रीम जलस्तर 353.00 फीट और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 350.20 फीट दर्ज किया गया।
हालांकि, सुबह 6:00 बजे गंडक नदी में जल प्रवाह ने एक बार फिर तेजी पकड़ी। सुबह 6 बजे बराज का डिस्चार्ज बढ़कर पुनः 95,200 क्यूसेक हो गया, जिसके बाद अपस्ट्रीम जलस्तर 353.20 फीट और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 350.40 फीट पर पहुंच गया। तटीय इलाकों में प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम गंडक नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। स्थानीय लोगों को नदी के समीप न जाने की सलाह दी गई है।







