फ्लोर टेस्ट में BJP की हार का साइड इफेक्ट : बीजेपी के सांसद और विधायक आमने-सामने, विधायक बोले- पार्टी के सांसद है, मालिक नहीं

रांची : सोमवार को हुए चंपई सोरेन सरकार के फ्लोर टेस्ट के बाद बीजेपी के अंदर की घमासान की स्थिति हो गई है। बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ बीजेपी के विधायक ने मोर्चा खोल दिया है। निशिकांत दुबे के संसदीय क्षेत्र से आने वाले सारठ विधानसभा सीट से विधायक रणधीर सिंह ने निशिकांत दुबे पर जमकर निशाना साधा।
झारखंड बीजेपी के दिग्गज नेता और सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ हमलावार हुए रणधीर सिंह ने कहा कि निशिकांत दुबे हमेशा अपने गैर जिम्मेदार ट्वीट के जरिये झारखंड की राजनीति पर टिप्पणी करते रहते है। इससे कई बार बीजेपी के कार्यकर्ता ठगा महसूस करते रहते है। उनके ट्वीट से पार्टी की छवि दागदार होती रहती है। उन्होने आगे निशिकांत दुबे को लेकर कहा कि आप सांसद है तो केंद्र की हालत पर नजर रखनी चाहिए, न कि झारखंड पर।
निशिकांत दुबे ने अपने ट्वीट के जरिये कहा था कि सोरेन परिवार में कुर्सी के लिए मारामारी है। सीता सोरेन और बसंत सोरेन के पक्ष में 18 विधायक बगावत की मुद्रा में है। बसंत सोरेन विधायकों के साथ हैदराबाद नहीं जा रहे है, जबकि बसंत सोरेन ने प्लेन से अपनी फोटो पोस्ट करके बताया था कि वो भी विधायकों के साथ है। वही सीता सोरेन भी चंपई सोरेन के शपथग्रहण समारोह में शामिल हुई थी। इस सवालों के जवाब में रणधीर सिंह ने कहा कि हेमंत सोरेन भ्रष्टाचार में जेल गए, यहां तक निशिकांत दुबे का बयान सही था, लेकिन कितने विधायक उनके संपर्क में है, इसपर अपनी राय नहीं देनी चाहिए थी। वे गोड्डा के सांसद है, पार्टी के मालिक नहीं है। उन्होने आगे कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस तरह का बयान नहीं दिया। निशिकांत ने जो ट्वीट किया उसमें वो बिल्कुल गलत साबित हुए, पार्टी की छवि धूमिल हुई है।

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