डेस्कः मध्यप्रदेश के दतिया सीट पर नामांकन के अंतिम दिन बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन के दौरान राज्य के पूर्व गृह मंत्री और बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए। नरोत्तम मिश्रा भरे मंच पर कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए रो पड़े। वह मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ मंच पर आए थे। उनका मुख्यमंत्री ने हाथ पकड़ रखा था। वह जैसे ही मंच पर बैठे तो भावुक हो गए और फिर पानी पीने लगे और मुंह पोछते दिखे। नरोत्तम मिश्रा दतिया विधानसभा सीट से कैंडिडेट बनने के दावेदार थे, लेकिन भाजपा से उन्हें मौका नहीं मिला। उनके स्थान पर पार्टी ने आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है।
दतिया सीट पर आशुतोष तिवारी को जिताने की अपील के दौरान नरोत्तम मिश्रा की आँखों में आंसू आ गए…. pic.twitter.com/IMgPwil1GG
— Live Dainik (@Live_Dainik) July 13, 2026
नरोत्तम मिश्रा ने रैली को संबोधित भी किया। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दतिया में राजा और रंक की लड़ाई हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी संस्कारी होते तो चुनाव में हार नहीं मिलती। अगर जीतू पटवारी संस्कारी थे तो दतिया से चुनाव लड़ लेते। यही नहीं कांग्रेस कैंडिडेट घनश्याम सिंह को लेकर उन्होंने कहा कि वह चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। भाजपा में टिकट को लेकर फूट वाली बात भी नरोत्तम मिश्रा ने खारिज की. उनका कहना था कि फूट भाजपा में नहीं बल्कि कांग्रेस में है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन में राजेंद्र भारती को अंदर तक ले भी नहीं गए। मोहन यादव ने पार्टी से बहुत कुछ मिलने की बात भी कही। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, "पार्टी ने 30 साल तक विधायक और 15 साल तक मंत्री बनाकर बहुत कुछ दिया है।" इतना कहकर वे भावुक हो गए और रोने लगे।भाषण खत्म करके वे जैसे कुर्सी पर बैठे खुद मुख्यमंत्री ने उनका हाथ थामा और बात की।
CM मोहन यादव बोले- नरोत्तम जी के नेतृत्व में लड़ेगा आशुतोष
इस दौरान सीएम मोहन यादव ने नरोत्तम मिश्रा की तारीफ भी की। सीएम ने कहा, नरोत्तम जी आपके नेतृत्व में आशुतोष चुनाव लड़ने आया है। दुश्मन चालाक है, आंखों में धूल झोकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नरोत्तम मिश्रा मेरे पुराने मित्र हैं। बता दें कि नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने इसे लेकर खूब बवाल भी काटा था। अंत में पूर्व मंत्री ने समर्थकों से शांत रहने की अपील की और कहा कि यह मेरे लिए भी मंथन करने का अवसर है। उन्होंने यह कहते हुए संतोष भी किया कि मुझ में ही कोई कमी होगी। बता दें कि नरोत्तम मिश्रा भाजपा के पिछले कार्यकाल में काफी ताकतवर मंत्री थे। ऐसे में उन्हें टिकट न मिलने से राजनीतिक हलचल तेज है। हालांकि अब नरोत्तम मिश्रा पार्टी की बात को स्वीकार करते और आशुतोष मिश्रा के साथ नजर आ रहे हैं।


