रांचीः झारखंड कैडर के 2011 बैच के सीनियर आईपीएस अधिकारी और रेल डीआईडी आलोक प्रियदर्शी को लेकर रांची में एक विवाद सामने आया है। आलोक प्रियदर्शी के द्वारा फोन पर धमकी भरे अंदाज से बातचीत करने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। पूरा मामला अशोक नगर रोड़ नंबर-1 निवासी पत्रकार सैयद शरीफ इब्राहिम से जुड़ा हुआ है।
पत्रकार सैयद शरीफ इब्राहिम ने इसको लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने पत्र में सीनियर आईपीएस पर दबंगई दिखाते हुए आम रास्ता रोकने, गेट बंद कराने, धमकी देने और परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायत कर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा देने की मांग की है।

“मीडिया को अगर लगता है कि मेरा कुछ बिगाड़ लेगा”….
“बाकी IPS हमको नहीं समझे…..
(रेल DIG और सीनियर IPS-आलोक प्रियदर्शी ) pic.twitter.com/MyIjBbyzue
— Live Dainik (@Live_Dainik) September 30, 2026
पत्रकार सैयद शरीफ इब्राहिम ने अपने शिकायत पत्र में लिखा है कि संबंधित परिवार करीब पांच दशक से उक्त जमीन पर रह रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके पिता और चाचाओं ने जमीन पर अपने-अपने मकान बनाए हैं। उनका दावा है कि स्वीकृत भवन नक्शे और अन्य दस्तावेजों में अशोक नगर सोसाइटी की ओर से करीब 40 फीट का पहुंच मार्ग दर्ज है। इसी रास्ते से पांच परिवार लंबे समय से अपने घरों तक आते-जाते रहे हैं।
रास्ता रोकने से लेकर केस में फंसाने तक का आरोप
मुख्यमंत्री को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि IPS अधिकारी के संबंधित परिसर के बगल में रहने के बाद से परिवारों को रास्ते के इस्तेमाल को लेकर कथित रूप से दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनका गेट बंद कराने और अशोक नगर की ओर से आने-जाने वाले रास्ते को रोकने की कोशिश की जा रही है। इतना ही नहीं, शिकायत में परिवार के सदस्यों और बच्चों को भी कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ मौकों पर बॉडीगार्ड के जरिए परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया और गोली मारने तक की कथित धमकी दी गई।
धार्मिक टिप्पणी का भी लगाया आरोप
शिकायत में धार्मिक पहचान को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की जांच कराने और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
पांच परिवारों की सुरक्षा का सवाल
शिकायतकर्ता के मुताबिक मामला केवल रास्ते के विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां रहने वाले पांच परिवारों की सुरक्षा और वर्षों पुराने आवागमन के अधिकार से जुड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जमीन के दस्तावेज, स्वीकृत भवन नक्शे और पहुंच मार्ग से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि उनके पास उपलब्ध सभी दस्तावेज और साक्ष्य जांच के दौरान प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।





