रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिल्ली से लौटने के बाद सोमवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मुख्यसचिव अविनाश कुमार समेत शिक्षा विभाग के कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। दिल्ली में National Stakeholders Consultation के दौरान मुख्यमंत्री ने उद्योग एवं पर्यटन के साथ शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि झारखंड की पहचान माइंस से नहीं माइंड से होनी चाहिए। शिक्षा को लेकर अपनी विस्तृत सोच को धरातल पर लाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्च शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए सोमवार को बैठक की और विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
रांचीः मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को कई निर्देश दिए हैं।@JharkhandCMO @kumarsudivya pic.twitter.com/WZJFnGvIIo
— Live Dainik (@Live_Dainik) July 13, 2026
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि युवा हमारे राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। हमारी प्राथमिकता है कि उन्हें ऐसी गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और मार्केट-ओरिएंटेड शिक्षा मिले, जो उन्हें भविष्य के अवसरों के लिए तैयार करे।
बैठक में कई निर्देशों के साथ-साथ विभाग को यह भी निर्देश दिया कि Jharkhand State University Service Commission से जुड़े मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि रिक्त पदों पर समयबद्ध नियुक्तियां हो सकें।साथ ही, राज्य के महाविद्यालयों को उनकी रैंकिंग के आधार पर श्रेणीबद्ध कर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करें। हमारी सरकार उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को अधिक सशक्त, आधुनिक और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।


