पटना: बिहार STF ने मंगलवार की सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के टाप कुख्यात अपराधियों की सूची में शामिल और पांडव सेना के सरगना संजय सिंह को पटना जंक्शन से गिरफ्तार कर लिया।वह पटना जिले के मसौढ़ी थाना क्षेत्र के निमा गांव का रहने वाला है। एसटीएफ के अनुसार संजय सिंह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसके खिलाफ बिहार समेत अन्य राज्यों में हत्या, रंगदारी, नरसंहार, अवैध खनन, भू-माफिया गतिविधियों और अन्य संगीन अपराधों के कई मामले दर्ज हैं।
AK 47 बरामदगी मामले में भी वांछित
एसटीएफ ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी बिहटा थाना कांड संख्या 672/2025 में एके-47 बरामदगी मामले में भी वांछित था।इस मामले में उस पर गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज है। गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम ने पटना रेलवे स्टेशन पर छापेमारी कर उसे दबोच लिया।
बिहार से झारखंड तक के थानों में दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार संजय सिंह का आपराधिक इतिहास करीब तीन दशक पुराना है। बिहार से झारखंड तक के थानों में उसपर एफआईआर है।वर्ष 1996 से लेकर 2025 तक हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अपहरण, अवैध हथियार रखने, आपराधिक साजिश, लूट, मारपीट और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
पटना, जहानाबाद, भागलपुर, हजारीबाग, रांची और झारखंड के अन्य जिलों के थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं। हाल के वर्षों में पत्रकार नगर, मसौढ़ी और जहानाबाद में दर्ज हत्या के मामलों में भी उसका नाम सामने आया था।इसके अलावा वह रंगदारी और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में भी आरोपित रहा है। एसटीएफ ने बताया कि संजय सिंह के अन्य आपराधिक मामलों और उसके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
उसके सहयोगियों तथा आपराधिक गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है और उससे पूछताछ के आधार पर कई अन्य मामलों में भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।


