पटनाः शनिवार यानी 25 जुलाई को छात्र संगठन आइसा (AISA) के आह्वान पर बिहार बंद का आयोजन किया गया है। इस बंद को महागठबंधन के कई दलों ने समर्थन दिया है, जिसके चलते राज्य के कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी पटना समेत संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।इस आंदोलन को राजद, कांग्रेस, वीआईपी और वामदलों का भी समर्थन मिला है। पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार बंद है।
पूरे बिहार में हाई अलर्ट, 70 हजार जवान तैनात
बिहार बंद को देखते हुए राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। पुलिसकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।सरकार ने सभी जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
पटना के संवेदनशील इलाकों में कड़ा पहरा
पटना में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, करगिल चौक, कोतवाली टी-पॉइंट, इनकम टैक्स चौराहा, वीरचंद पटेल पथ, हाईकोर्ट, अशोक राजपथ, राजवंशी नगर मोड़, आशियाना और मुख्यमंत्री आवास के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। जेपी गोलंबर पर वाटर कैनन के साथ करीब 200 जवानों को लगाया गया है।
CISF, BSF, SSB और CRPF भी मोर्चे पर
स्थानीय पुलिस के साथ CISF, BSF, SSB और CRPF के जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। विधानसभा, पटना जंक्शन, एयरपोर्ट, राजेंद्र नगर टर्मिनल, संग्रहालय और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
SSP ने निकाला फ्लैग मार्च
शुक्रवार को पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा की अगुवाई में 50 गाड़ियों के साथ फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च गांधी मैदान से करगिल चौक, अशोक राजपथ, बीएन कॉलेज, पटना यूनिवर्सिटी, एनआईटी मोड़ और कदमकुआं होते हुए गुजरा। इसमें डीएम, एसएसपी, तीनों सिटी एसपी, एसडीएम और सभी थानों के प्रभारी शामिल रहे।
SSP की चेतावनी- माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य है। लेकिन माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।पुलिस सड़कों पर छात्रों को रोककर समझाइश भी दे रही है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने 177 संदिग्ध असामाजिक तत्वों की तस्वीरें जारी कर लोगों से उनकी पहचान में सहयोग मांगा है।
सरकार का निर्देश- बल प्रयोग आखिरी विकल्प
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार ने उच्चस्तरीय बैठक कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस बल प्रयोग केवल अंतिम विकल्प के रूप में करेगी।अधिकारियों से कहा गया है कि पहले छात्रों से संवाद किया जाए। निर्दोष छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही अफवाहों और भ्रामक खबरों का तुरंत खंडन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी
डीजीपी विनय कुमार ने सभी जिलों में दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वाले 117 संदिग्ध लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। संवेदनशील इलाकों की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी।जरूरत पड़ने पर उपद्रवियों के पोस्टर भी जारी किए जाएंगे।
डीएम बोले- हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
पटना के डीएम कुंदन कुमार ने कहा कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखें। लेकिन छात्रों की आड़ में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को समझाएं और किसी अफवाह पर भरोसा न करें।
कांग्रेस आज निकालेगी कैंडल मार्च
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी आज राज्य के सभी जिलों में कैंडल मार्च निकालने का फैसला किया है।प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने जिला इकाइयों को निर्देश दिया है कि NEET-CBSE परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के दमन के विरोध में कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाए। यह मार्च महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक निकाला जाएगा।
कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद
शुक्रवार को भी कई जिलों में छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। बेतिया, बक्सर, सुपौल, जमुई, समस्तीपुर, वैशाली, खगड़िया और दरभंगा में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे।सुरक्षा के मद्देनजर पटना और औरंगाबाद में 26 जुलाई तक सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। बेगूसराय में भी एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद रखा गया है।


