डेस्कः पश्चिम बंगाल चुनाव में वोटिंग से पहले कथित तोड़ पर 1000 करोड़ रुपये मांगने वाले वीडियो सामने आने के बाद ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने हुमायूं करीब से अपना नाता तोड़ लिया है। सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे इस वीडियो में हुमायूं कबीर खुद सुवेंदु अधिकारी का नाम लेकर कह रहे हैं, ‘मैंने उन्हें बोला. मुझे पैसा चाहिए। मुसलमानों को इकट्ठा करने के लिए, चुनाव में उनसे वोट लेने के लिए पूरा लक्ष्य 1000 करोड़ में पूरा होगा। ‘ इसी वीडियो ने हुमायूं कबीर फैक्टर को बंगाल में पीछे धकेल दिया है। जिस जुगलबंदी के सहारे भाजपा को बंगाल में मुस्लिम वोटरों के बंटने की उम्मीद थी, वह टूट चुका है. ऐसे में अब फायदा किसे होगा?
असम में शाम 6 बजे तक 85.13% वोटिंग, दलगांव में रिकॉर्ड 94.57% मतदान
‘एक्स’ पर किया पोस्ट
AIMIM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘हुमायूं कबीर के खुलासों ने बंगाल के मुसलमानों की असुरक्षा को उजागर किया है। एआईएमआईएम ऐसे किसी भी बयान का समर्थन नहीं कर सकती, जिससे मुसलमानों की गरिमा पर सवाल उठे। आज से एआईएमआईएम ने कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन वापस ले लिया है। बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और शोषित समुदायों में से एक हैं। दशकों के धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद उनके लिए कुछ नहीं किया गया है. किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने के संबंध में पार्टी की नीति यही है कि हाशिए पर पड़े समुदायों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिले। हम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। ‘
AIMIM ने ट्वीट किया, "हुमायूं कबीर के खुलासों से यह साफ़ हो गया है कि बंगाल के मुसलमान कितने कमज़ोर हैं। AIMIM ऐसे किसी भी बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिससे मुसलमानों की ईमानदारी पर सवाल उठे। आज से, AIMIM ने कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया है। pic.twitter.com/Q7wLw6BfIE
— Live Dainik (@Live_Dainik) April 10, 2026


